होशंगाबाद में खूनी खेल, बूढी आंखों के सामने दो बेटे और एक 12 साल के पोते को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला

जमीन विवाद के कारण शर्मसार हुआ खून का रिश्ता, चचेरे भाइयों और भतीजे को मारकर हाथ-पैर तोड़ा बाद में चढ़ाया ट्रैक्टर, मौत होने के बाद ट्रैक्टर के साथ पहुंचा थाने, खुद दी वारदात की जानकारी

Updated: Nov 29, 2020, 09:15 PM IST

होशंगाबाद में खूनी खेल, बूढी आंखों के सामने दो बेटे और एक 12 साल के पोते को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला
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होशंगाबाद। पहले दो भाइयों को बांधकर लोहे के सरियों और लाठियों से पीटा, शरीर की एक-एक हड्डी पसली तोड़ डाली, फिर ट्रैक्टर से बांधकर एक किलोमीटर तक घसीटा, गांव के बीचों-बीच लाया, 12 साल का बेटा बचाने आया तो उसे भी मारकर अधमरा कर दिया, फिर बूढी मां पहुंची दोनों बेटों और पोते के जान की भीख मांगने लगी, गुस्सा और बढ़ा, तीनों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाया और तबतक कुचलता रहा जबतक शरीर में जान बाकी थी। रूह कंपाने वाली घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर लेकर थाने पहुंचा और पुलिस को सारी बात बताई।

हैवानियत की सारी सीमाओं को लांघने वाली यह घटना मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से लगे होशंगाबाद जिले की है। जानकारी के मुताबिक सिवनी मालवा क्षेत्र के आयपा गांव में शनिवार को चचेरे भाइयों ने ही अपने भाइयों और भतीजे के साथ यह खूनी खेल खेला। मामले में पुलिस ने 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है जिनमें खबर लिखे जाने तक सात लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

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बताया जा रहा है कि आयपा गांव में बालाराम सिंह के दो बेटे कुंवर सिंह और राजेंद्र सिंह रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने चचेरे भाई और घटना के मुख्य आरोपी अनवर यदुवंशी के घर के पास डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी थी। घर के नजदीक होने के कारण इस जमीन को अनवर खरीदना चाहता था लेकिन बात नहीं बन पाई। तभी से उसने अपने ही भाईयों के साथ रंजिश पाल ली। इसके बाद कभी रास्ते को लेकर, कभी पानी निकासी को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा होता रहा।

इसी बीच एक दिन पुलिस ने अनवर का अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ लिया। बस उसके बाद उन्होंने यह मान लिया कि कुंवर और राजेंद्र ने ही पुलिस को सूचना देकर ट्रैक्टर पकड़वाया। फिर क्या था तैयारी शुरू हुई ट्रैक्टर से ही बदला लेने की। शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर पर सवार होकर योजनाबद्ध तरीके से अनवर नौ लोगों के साथ कुंवर सिंह के घर पहुंचा। वहां से दोनों भाइयों को ट्रैक्टर में बांधकर घसीटते हुए अपने घर ले गया और बेरहमी से तबतक पिटाई की जबतक कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हो गया कि पीड़ित के शरीर की सारी हड्डियां टूट चुकी हैं।

इसके बाद दोबारा उन्हें ट्रैक्टर में बांधा और गांव के बीचों-बीच सडक पर लाया ताकि गांव वाले भी उसकी दरिदंगी को देख सकें। इसी बीच कुंवर का 12 वर्षीय बेटा आयुष वहां बीच-बचाव करने पहुंचा। अनवर ने अपने खुद के मासूम भतीजे को भी पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। 

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इस घटना की जानकारी जब कुंवर की बूढ़ी मां को मिली तब वह भी भागी-भागी वहां आई। वह दरिंदों से अपने पोते और बेटों की जान की भीख मांगती रही, लेकिन दरिंदों का कलेजा तब भी नहीं पिघला। वह अनवर के पैरों में गिड़गिड़ाती रही लेकिन उसने फिर से ट्रैक्टर स्टार्ट किया और बूढ़ी आंखों के सामने तीनों को रौंद डाला। वह तबतक उन्हें कुचलता रहा जबतक शरीर में जान बाकी थी। इस पूरे घटनाक्रम का गवाह गांव के कई लोग बने लेकिन किसी ने कुछ बोलना तो दूर पुलिस को फोन करने तक कि ज़हमत नहीं की।

इसके बाद सनकी अनवर खुद ट्रैक्टर चलाकर थाने में गया। पुलिस को पहियों में लगे खून के धब्बे दिखाए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद एसपी संतोष गौर, एसडीओपी सौम्या अग्रवाल समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचे। तीनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।