ठेला नहीं लगाएंगे तो खाएंगे क्या, इंदौर में ठेलेवालों पर नगर निगम का एक्शन, सड़क पर फेंका सामान

अतिक्रमण के नाम पर ठेला लगाने वालों के खिलाफ इंदौर नगर निगम कर रही है कार्रवाई, एडिशनल कमिश्नर बोले- अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई होती रहेगी, ठेले वाले ने कहा- साहब हमें जेल में डाल दो

Updated: Dec 15, 2021, 02:43 PM IST

ठेला नहीं लगाएंगे तो खाएंगे क्या, इंदौर में ठेलेवालों पर नगर निगम का एक्शन, सड़क पर फेंका सामान

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में गरीब हाथ ठेले वालों पर नगर निगम के अत्याचार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम के कर्मचारियों ने ठेले वाले का सामान सड़कों पर फेंकते हुए पाए गए। इस कार्रवाई से परेशान ठेले पर सामान बेचने वाला युवक कहता रहा कि साहब मुझे जेल में ही डाल दो।

बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग एक ठेले का सामान नीचे सड़क पर फेंक रहे हैं। उधर ठेले वाला युवक चीख-चिल्ला रहा है। युवक कहता है कि लगा दो आग मुझे जेल में डाल दो। वहीं कुछ लोग उसे धक्का देते हुए वहां से हटा देते हैं और उसका ठेला भी ले जाने लगते हैं। 

बताया जा रहा है कि वीडियो इंदौर के राजबाड़ा इलाके के सुभाषचौक पार्किंग के पास का है। जानकारी के मुताबिक ठेले वाले जब हाथ ठेला लगाकर समान बेच रहे थे तो नगर निगम का एंटी अतिक्रमण दस्ता पहुंचा और उनका सामान फेंक दिया। साथ ही ठेला भी लेकर चले गए। गरीब व्यवसायियों के खिलाफ ये कार्रवाई अतिक्रमण के नाम पर की गई।

मामले पर इंदौर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर देवेंद्र सिंह ने हम समवेत से कहा कि, 'राजबाड़ा ठेलों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र है, वहां यदि ठेले लगे हैं तो गलत है। ठेले लगेंगे तो कार्रवाई होगी सामान भी जब्त होगा। ये कार्रवाई हमलोग रोज करते हैं। मैने वीडियो नहीं देखा है लेकिन यदि वे सामना फेंक रहे हैं तो ठीक कर रहे हैं। वहां पतली सड़क है और ठेले के कारण लोगों के पैदल चलने की भी जगह नहीं बचती।'

यह भी पढ़ें: गंदा पानी पीने से बुरहानपुर में फैला डायरिया, नगर निगम की लापरवाही बनी जान की दुश्मन

कमिश्नर सिंह से जब पूछा गया कि प्रशासन ने ठेले वालों को कोई दूसरा जगह मुहैया कराया है? इसपर उन्होंने कहा कि राजबाड़ा में अलग से जगह देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। शहर में हर जगह हॉकर्स कार्नर बने हुए हैं। राजबाड़ा में कई साल से ठेला प्रतिबंधित है। ये लोग जबरन घुसते हैं।वहां एक इंच जगह भी नहीं है कि हॉकर्स जोन बनाया जाए। इन्हें रहवासी कॉलोनियों में घूम-घूमकर अपना सामान बेचना चाहिए, बाजार में क्यों आते हैं।' उधर ठेले वालों का कहना है कि यदि बाजार में ठेला नहीं लगाएंगे तो हम और हमारे परिवार के लोग खाएंगे क्या?