जबलपुर: गैलेक्सी अस्पताल में देर रात रुक गई ऑक्सीजन की सप्लाई, पांच मरीजों ने तोड़ा दम, अस्पताल से भाग गए डॉक्टर

गैलेक्सी अस्पताल में देर रात ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से हाहाकार मच गया, ऑक्सीजन की कमी से मरीज़ तड़पने लगे, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मरीजों की सहायता करने के बजाय अस्पताल से भाग गए

Updated: Apr 23, 2021, 03:55 PM IST

जबलपुर: गैलेक्सी अस्पताल में देर रात रुक गई ऑक्सीजन की सप्लाई, पांच मरीजों ने तोड़ा दम, अस्पताल से भाग गए डॉक्टर

जबलपुर। जबलपुर में एक बार फिर ऑक्सीजन की किल्लत के कारण पांच मरीजों की जान चली गई। गुरुवार देर रात ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीजों ने दम तोड़ दिया। इससे भी अधिक शर्मसार करने वाली बात यह है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मरीजों की सहायता करने की बजाय उन्हें तड़पता छोड़ अस्पताल से भाग खड़े हुए। अस्पताल प्रबंधन की इस हरकत के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया।

गुरुवार देर रात करीब डेढ़ बजे गैलेक्सी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो गई। अस्पताल में उस दौरान करीब 65 मरीज़ भर्ती थे। इन मरीजों में 31 मरीज़ ऑक्सीजन वाले थे जबकि 34 मरीज़ आईसीयू में भर्ती थे। ऑक्सीजन समाप्त होते ही मरीज़ तड़पने लगे। ऑक्सीजन की कमी से पांच लोगों की ज़िन्दगी चली गई जबकि दो मरीजों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। 

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गैलक्सी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने के कारण जब मरीजों ने तड़पाना शुरू किया तब डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीजों की सुध लेने के बजाय अस्पताल से भाग जाना ज़्यादा मुनासिब समझा। हंगामा करते असहाय परिजनों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद स्थानीय पुलिस तत्काल ऑक्सीजन के सिलेंडर लेकर अस्पताल पहुंची। जिस वजह से मरीजों को थोड़ी राहत मिली। लेकिन ऑक्सीजन की यह आपूर्ति पांच मरीजों को नहीं बचा पाई। 

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अब इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद लीपापोती का कार्यक्रम शुरू हो गया है। दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में ऑक्सीजन लेकर आने वाली गाड़ी रास्ते में पंचर हो गई थी। हालांकि इस बहाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन पर यही सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि जब अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी तब ऑक्सीजन का बैक अप क्यों नहीं रखा गया था? 

इससे पहले भी 15 अप्रैल को जबलपुर में ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत हुई थी। बीते पंद्रह दिनों में अब तक ऑक्सीजन के कमी के कारण पूरे प्रदेश भर में 61 मरीजों की मौत हुई है।