लखीमपुर नरसंहार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरा भोपाल, कहीं जले पुतले, कहीं गांधीवादी भूख हड़ताल

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसानों की बर्बर हत्या और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरुद्ध देशभर में आक्रोश, मध्य प्रदेश के कई शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस ने जलाया योगी आदित्यनाथ का पुतला

Updated: Oct 04, 2021, 06:30 PM IST

लखीमपुर नरसंहार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरा भोपाल, कहीं जले पुतले, कहीं गांधीवादी भूख हड़ताल

भोपाल। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में किसानों की हत्या और पीड़ितों से मिलने गई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी की घटना ने पूरे देश को आक्रोशित कर दिया है। मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी लखीमपुर किसान नरसंहार के खिलाफ व्यापक विरोध देखने को मिला है। राजधानी भोपाल में विभिन्न जगहों पर इस घटना के खिलाफ आंदोलन, हड़ताल और मार्च निकाले गए।

भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदेश यूथ कांग्रेस ने पीएम मोदी और यूपी सीएम योगी का पुतला दहन किया। पीसीसी के सामने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने इस दौरान कहा कि कल लखीमपुर खीरी में जिस तरह से अन्नदाताओं की हत्या की गई है, उसे देख आज भारत माता रोई होंगी। त्रिपाठी ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर बीजेपी नेता इस देश को कलंकित कर रहे हैं। विवेक त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'पहले तो अन्नदाताओं के ऊपर गाड़ी चलाकर उनकी जान ली गई। किसान भाइयों का दुख बांटने जब प्रियंका गांधी गई तो, उनसे पुरुष पुलिसकर्मियों में अभद्रता की सारी हदें पार कर दी।' त्रिपाठी ने कहा कि भाजपाइयों ने क्रूरता और अत्याचार के मामले में अंग्रेजों व विदेशी आक्रांताओं को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सीएम योगी आदित्यनाथ सभी हत्यारे हैं। इनके इशारों पर ही टेनी के बेटे ने हत्या की है। इस क्रूर सरकार को अब एक मिनट भी सत्ता में बैठने का अधिकार नहीं है।' 

नीलम पार्क पर सैंकड़ों की संख्या में जुटे भोपालवासी

भोपाल के ही नीलम पार्क के पास भी इस घटना को लेकर बड़ा विरोध देखने को मिला है। यहां सैंकड़ों की संख्या में जुटे भोपालवासियों ने पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद कर रहे थे। मसूद ने इस दौरान न सिर्फ घटना की निंदा की बल्कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को जल्द रिहा करने की भी मांग की। आरिफ़ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी नीलम पार्क से राजभवन के तक पैदल मार्च के लिए निकले थे। 

प्रियंका की गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार देते हुए आरिफ मसूद ने लोगों से राजभवन घेराव का आह्वान किया था। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने नीलम पार्क से थोड़ी दूर ही बैरिकेड्स लगा दिए थे। यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल को भी तैनात किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद सभी लोग वहीं नारेबाजी करने लगे। बाद में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ही राज्यपाल के नाम ज्ञापण सौंपा। इस ज्ञापण में प्रियंका गांधी की जल्द से जल्द रिहा करने और उनके साथ अभद्रता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। 

भोपाल के गांधी भवन में भी गांधीवादी कार्यकर्ता और बुद्धिजीवियों ने इस घटना के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया। यहां लोगों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल रखकर पीड़ित किसानों के साथ एकजुटता दिखाई। भूख हड़ताल पर बैठे राष्ट्रीय एकता परिषद के महासचिव अनीश कुमार तिलनकेरी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है विश्व अहिंसा दिवस के दूसरे ही दिन गांधी के देश में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार के लोगों ने किसानों को रौंदकर मार डाला। 

उधर रीवा में कांग्रेस नेतृ कविता पांडेय के नेतृत्व में सैंकड़ों महिलाएं और पुरुषों ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी की मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन किया। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को तत्काल पद से हटाया जाए। 

भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत अन्य बड़े शहरों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।