कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर पर बरसे बीजेपी नेता रघुनंदन शर्मा, बोले, आपके सिर सत्ता का मद चढ़ गया है

बीजेपी नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को यह भ्रम हो गया है कि सत्ता उनके परिश्रम का फल है

Updated: Feb 06, 2021, 03:52 PM IST

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर पर बरसे बीजेपी नेता रघुनंदन शर्मा, बोले, आपके सिर सत्ता का मद चढ़ गया है
Photo Courtesy : IBC 24

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को अब अपनी ही पार्टी के नेता घेरने लगे हैं। मध्य प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रघुनंदन शर्मा ने कहा है कि कृषि मंत्री तोमर के सिर पर सत्ता का मद सवार हो गया है। पूर्व राज्यसभा सांसद रघुनंदन शर्मा ने सोशल मीडिया पर कृषि मंत्री तोमर के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली है।  

रघुनंदन शर्मा ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में नरेंद्र सिंह तोमर को निशाना बनाते हुए कहा कि, 'प्रिय नरेंद्र जी, आप भारत शासन में सहयोगी एवम सहभागी हैं l आज की राष्ट्रवादी सरकार बनने तक हज़ारों राष्ट्रवादियों ने अपने जीवन और यौवन को खपाया है l पिछले 100 वर्षों से जवानियाँ अपने त्याग समर्पण और परिश्रम से मातृभूमि की सेवा तथा राष्ट्रहित सर्वोपरि की विचार धारा के विस्तार में लगी हुई हैं l आज आपको जो सत्ता के अधिकार प्राप्त हैं, वे आपके परिश्रम का फल हैं, यह भ्रम हो गया है l सत्ता का मद जब चढ़ता है तो नदी, पहाड़ या वृक्ष की तरह दिखाई नहीं देता। वह अदृश्य होता है जैसा अभी आपके सिर पर चढ़ गया है l' 

कांग्रेस की विचारधारा को लागू कर रहे हैं कृषि मंत्री : रघुनंदन शर्मा 

रघुनंदन शर्मा ने अपनी फेसबुक वॉल पर मुरैना के सांसद नरेंद्र सिंह तोमर पर निशाना साधते हुए कहा, 'प्राप्त दुर्लभ जनमत को क्यों खो रहे हो? कांग्रेस की सभी सड़ी गली नीतियाँ हम ही लागू करें यह विचारधारा के हित में नहीं है।  बूंद बूंद से घड़ा खाली होता है, जनमत के साथ भी यही है l 

हालांकि शर्मा ने बाद में अपनी उसी फेसबुक पोस्ट में कृषि मंत्री की आलोचना करने के साथ साथ डैमेज कंट्रोल करने की भी भरपूर कोशिश की। कृषि कानूनों का ज़िक्र करते हुए रघुनंदन शर्मा ने लिखा है, 'आपकी सोच कृषकों के हित की हो सकती है परंतु कोई स्वयम का भला नहीं होने देना चाहता, तो बलात भलाई का क्या ओचित्य है l' शर्मा ने आंदोलनरत किसानों पर इशारों-इशारों में हमला भी कर दिया। उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए लिखा, 'कोई नंगा, नंगा ही रहना चाहता तो बल पूर्वक कपड़े क्यों पहनाना? आप राष्ट्रवाद को बलशाली बनाने में संवैधानिक शक्ति लगाओ, कहीं हमें बाद में पछताना ना पड़े l  सोचता हूं विचारधारा के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकेत समझ गए होंगे l'