निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस की तैयारी: लोकप्रिय चेहरे को ही मिलेगी टिकट, 27 फीसदी OBC उम्मीदवार होंगे

निकाय चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी कांग्रेस, समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को ही मिलेगी टिकट, पीसीसी में होगा मुख्य कंट्रोल रूम, जिलों के दफ्तरों से होगी मॉनिटरिंग

Updated: May 29, 2022, 01:28 PM IST

निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस की तैयारी: लोकप्रिय चेहरे को ही मिलेगी टिकट, 27 फीसदी OBC उम्मीदवार होंगे

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस ने कमर कस लिया है। कांग्रेस पूरी ताकत से चुनावों में उतरेगी। प्रदेश नेतृत्व ने फैसला लिया है निकाय चुनावों के लिए टिकट वितरण में 27 फीसदी ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिया जाएगा। साथ ही 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का भी पालन किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस में टिकट उसी को दिया जाएगा जो चुनाव जीतने का दमखम रखता हो साथ ही समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ता हो। महिला उम्मीदवारों के चयन में लगनशील, सक्रिय नेत्रियों को ही टिकट दिया जाएगा। कांग्रेस ऐसी महिलाओं को आगे लाना चाहती हो जो स्वयं नेतृत्व करते हों। यानी किसी महिला को सिर्फ नेता की पत्नी होने के नाते टिकट नहीं दिया जाएगा, बल्कि फुल टाइम महिला कार्यकर्ता ही मैदान में उतरेंगी।

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निकाय चुनाव के लिए राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मुख्य कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम जिले के दफ्तरों से सामंजस्य स्थापित कर मॉनिटरिंग करेगी। प्रदेश भर के 52 जिलों के 313 विकासखंड का कंट्रोल रूम होगा जहां से पीसीसी चीफ कमलनाथ और उनकी टीम निगरानी करेगी। 
प्रत्येक जिले के लिए एक वरिष्ठ नेता को प्रभारी मनोनीत किया जाएगा। नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद में 27 प्रतिशत टिकट ओबीसी को दिए जाएंगे। 

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को जिताने की कोशिश की जाएगी। प्रत्याशी का चयन और अच्छे परिणाम की जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों एवं स्थानीय नेताओं को सौंपी गई है।
पार्षद प्रत्याशियों का चयन जिला स्तर पर गठित कमेटी द्वारा किया जाएगा। यह कमेटी अपने मेंबर्स से गोपनीय सर्वे कराकर निर्णय लेगी और लिस्ट बनाकर भोपाल भेजेगी। अंतिम निर्णय पीसीसी को ही लेना है। 

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पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि राज्य में ओबीसी वर्ग को 29 साल से 25 फीसदी आरक्षण का लाभ मिल रहा था। इसे घटाकर शिवराज सरकार ने 12 फीसदी कर दिया। इसके बाद भी छाती ठोककर कह रहे हैं कि हम 35 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं। यह ओबीसी वर्ग के साथ धोखा है।