आदिवासी लोककला, संस्कृति का महापर्व भगोरिया

भगोरिया उत्सव में विवाह योग्य युवक, युवतियां अपने लिए जीवन साथी चुनते हैं, महाशिवरात्रि से होली तक मध्य प्रदेश में भगोरिया उत्सव की धूम रहेगी

Updated: Mar 11, 2021, 05:50 PM IST

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महाशिवरात्रि पर शिव पूजन से होती है मेले की शुरुआत
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1. महाशिवरात्रि पर शिव पूजन से होती है मेले की शुरुआत

भगोरिया उत्सव मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों, धार, झाबुआ, अलीराजपुर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यहां दूर-दूर से आदिवासी समाज के लोग पर्व मनाने आते हैं। इस साल कोरोना के बीच भगोरिया मनाया जा रहा है। धार जिले के गंगामहादेव मेला स्थल से इसकी शुरूआत हुई। मेले में पहले भगवान शिव की पूजा होती है, फिर पर्व की पारंपरिक शुरुआत की जाती है। भगोरिया उत्सव में सात दिनों तक बाजार हाट लगाए जाने की परंपरा है। जहां आदिवासी युवक-युवतियां ढोल और मंदाल की थाप पर नृत्य करते हैं। यहां वे आकर्षक तरीके से तैयार होकर अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आते हैं। इस साल कोरोना संक्रमण से बचाव के इतंजाम के बीच भगोरिया का उत्सव मनाया जा रहा है। निमाड़ का भगोरिया उत्सव काफी प्रसिद्ध है।