MP: राजगढ़ में बालविवाह, 9 साल के लड़के और 8 साल की बच्ची की कराई शादी

राजगढ़ में प्रशासन को चकमा देकर 8 वर्षीय बच्ची और 9 वर्षीय लड़के का बाल विवाह करा दिया गया। शादी का वीडियो वायरल होने से मामले का खुलासा हुआ।

Publish: Apr 16, 2026, 03:23 PM IST

राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में कानून को ठेंगा दिखाते हुए 8 साल की बच्ची और 9 साल के लड़के का बाल विवाह करा दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि प्रशासन को पहले से इसकी सूचना थी। इसके बावजूद परिवार और ग्रामीणों ने चालाकी से शादी धूमधाम से की। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शादी की रस्मों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 10 और 11 के तहत मामला दर्ज किया।

यह घटना कुशलपुरा गांव की बताई जा रही है जहां बच्चों की शादी पूरी पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ कराई गई। हल्दी, मेहंदी, वर निकासी और बारात जैसी सभी रस्में निभाई गई। यहां तक कि नाबालिग दूल्हा घोड़ी पर चढ़कर बारात लेकर देवाखेड़ी गांव पहुंचा था। शादी की पूरी तैयारियां बड़े स्तर पर की गई थी जिसमें टेंट, भोजन और निमंत्रण पत्र तक शामिल थे।

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सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि प्रशासन की टीम शादी से एक दिन पहले गांव पहुंची थी। उस दौरान परिजनों ने चालाकी दिखाते हुए टीम के सामने किसी अन्य बालिग युवक को दूल्हा बताकर पुलिस को भ्रमित कर दिया था। टीम के लौटते ही अगले दिन असली बाल विवाह कर दिया गया। 

मामला तब सामने आया जब शादी की वीडियो रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि मासूम बच्चों को दूल्हा दुल्हन बनाकर रस्में निभाई जा रही हैं। वीडियो सामने आते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस हरकत में आई और जांच के बाद पूरे मामले की पुष्टि की गई।

पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए केवल माता-पिता ही नहीं बल्कि शादी में सहयोग करने वाले सभी लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें टेंट संचालक, घोड़ी वाला, हलवाई, पंडित और प्रिंटिंग प्रेस संचालक तक शामिल हैं। भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव के अनुसार, बीते 14 अप्रैल 2026 को यह विवाह संपन्न कराया गया था। जिसके बाद अब अपराध क्रमांक 120/2026 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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जांच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और ग्राम चौकीदार की मौजूदगी में मौके पर पुष्टि की गई है। इसके बावजूद शादी को नहीं रोका जा सका। जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि जब सूचना पहले से थी तो कार्रवाई प्रभावी क्यों नहीं हुई?