MP: शहडोल में मां ने तीन बेटियों संग खाया जहर, चारों की हुई मौत

शहडोल के हिरवार गांव में एक महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक पिलाने के बाद खुद भी जहर खा लिया। चारों को अस्पताल ले जाया गया जहां सभी की मौत हो गई।

Updated: May 31, 2026, 08:10 PM IST

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। ब्यौहारी क्षेत्र के हिरवार गांव में एक महिला ने अपनी तीन मासूम बेटियों को कीटनाशक पिलाने के बाद खुद भी उसे निगल लिया। हालत बिगड़ने पर चारों को अस्पताल ले जाया गया। वहां महिला और उसकी दो छोटी बेटियों को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि, बड़ी बेटी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान अनिता सिंह (32), रितिका (7), कृष्णकुमारी (4) और अर्पिता (2) के रूप में हुई है। घटना के समय घर में केवल मां और उसकी बेटियां मौजूद थी। अनिता का पति पेशे से ड्राइवर है और रोजगार के सिलसिले में दूसरे शहर में रह रहा था।

जानकारी के अनुसार, कीटनाशक की कम मात्रा शरीर में जाने के कारण बड़ी बेटी रितिका कुछ समय तक होश में रही थी। उसने घर से बाहर निकलकर पड़ोसियों को आवाज लगाई और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण तत्काल चारों को लेकर ब्यौहारी अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। रितिका ने भी इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।

पपौंध थाना पुलिस को मौके से एल्युमिनियम सल्फाइड का पैकेट मिला है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चों को कीटनाशक खांसी की दवा बताकर दिया गया था। थाना प्रभारी बृजेंद्र मिश्रा के मुताबिक, रितिका ने पड़ोसियों को बताया था कि जहर देने के बाद उसकी मां ने घर में रखे कपड़े, जरूरी दस्तावेज, तस्वीरें और अनाज में भी आग लगा दी थी।

पुलिस के अनुसार, रितिका इस बारे में कुछ नहीं बता सकी कि उसकी मां ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। जांच में यह जरूर सामने आया है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। अनिता मजदूरी कर घर चलाने में सहयोग करती थी। जबकि, उसका पति बाहर रहकर खर्च के लिए पैसे भेजता था। बताया गया है कि वह करीब दो महीने पहले ही परिवार से मिलने गांव आया था।

पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि अनिता अपने पति और बच्चों के साथ सास-ससुर से अलग रह रही थी। फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस अब महिला के मायके पक्ष के लोगों से भी पूछताछ करेगी ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।