एमपी में माफिया बेख़ौफ़, विदिशा में दलित सरपंच के पति की दिनदहाड़े ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या

विदिशा के मुरवास की सरपंच आशा देवी बाल्मीकि ने वन माफियाओं के खिलाफ शिकायत की तो उनके पति की थाने के पास ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई, दिग्विजय सिंह ने की सख्त कार्रवाई की मांग

Updated: Mar 19, 2021, 01:13 PM IST

एमपी में माफिया बेख़ौफ़, विदिशा में दलित सरपंच के पति की दिनदहाड़े ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या

विदिशा। मध्य प्रदेश में माफियाओं के बुलंद हौसले की एक बर्बर तस्वीर सामने आई है। वन माफियाओं ने एक दलित महिला सरपंच के पति की ट्रैक्टर से कुचलकर दिनदहाड़े हत्या कर दी। माफियाओं कितने बेखौफ हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस जघन्य अपराध को पुलिस थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर दिन दहाड़े अंजाम दिया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि राज्य में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र के ग्राम मुरवास की सरपंच आशा देवी बाल्मीकि ने कुख्यात वन माफिया रिजवान की शिकायत की थी। दलित महिला सरपंच आशा देवी पेड़ों की अवैध कटाई और वन भूमि के अतिक्रमण के खिलाफ लगातार मुखर रही हैं। उनकी शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के आदेश भी दे दिए थे।

कुख्यात वन माफिया रिजवान ने इसी बात का बदला लेने के लिए आशा देवी के पति संतराम बाल्मीकि की बर्बरता से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे संतराम बाल्मीकि अपनी बाइक से जा रहे थे, तभी माफिया के लोगों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद बदमाशों ने पहले तो बेरहमी से उनकी पिटाई की और फिर बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी जान ले ली। 

दिन दहाड़े हुई इस वारदात के दौरान वहां काफी लोग मौजूद थे। लोगों को डराने के लिए बदमाशों ने तलवारें और बंदूकें लहराते हुए लोगों को धमकी दी कि अगर किसी ने इस मामले में गवाही दी तो उनका भी यही हश्र किया जाएगा। राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के ही स्थानीय विधायक उमाकांत शर्मा ने मीडिया को बताया है कि इस दौरान पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन उसने कुछ नहीं किया। शर्मा का आरोप है कि बुरी तरह से घायल संतराम बाल्मीकि इस दौरान तड़पते रहे लेकिन पुलिस अधिकारी उन्हें बचाने की जगह वन माफिया के गुर्गों वहां से बाहर निकालने में लगे रहे।

हालांकि लटेरी के थाना प्रभारी अनिरुद्ध पांडेय का कहना है कि उनके ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने आरोपी को नहीं बचाया। उनका दावा है कि वारदात थाने से 400 मीटर की दूरी पर हुई है, इसलिए वे तत्काल वहां पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। जबकि चश्मदीदों का कहना है कि इस बर्बर हत्याकांड में रिजवान के साथ कई और लोग भी शामिल थे, लेकिन पुलिस सिर्फ उसे ही लेकर गई, अन्य अपराधियों को नहीं पकड़ा। सरपंच के पति की बर्बरता से हत्या करने के आरोपी माफिया पर 100 बीघे से ज्यादा जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप है।

इस बर्बर घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। चश्मदीद इस बात से डरे हुए हैं कि माफिया का अगला निशाना वे न बन जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लटेरी एसडीएम ने पूरे ब्लॉक में धारा 144 लागू कर दी है। विदिशा के एसपी विनायक शर्मा ने मीडिया को बताया कि संतराम को ट्रैक्टर से टक्कर मारी गई जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने कुचलकर हत्या करने जैसी बातें नहीं कही है। 

बीते कुछ महीनों के दौरान मध्य प्रदेश में हुई वारदात को देखते हुए इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि माफियाओं के हौसले आसमान पर हैं। ऐसा तब है जब सीएम शिवराज सिंह चौहान कभी माफियाओं को जमीन में गाड़ने की बात करते हैं तो कभी पाकिस्तानी युवती की नकल करते हुए डायलॉग मारते हैं कि ये मैं हूं, ये मेरी सरकार है और राज्य से माफिया भाग रहे हैं।