सरकार की नाकामियों के कारण ओवर एज हो रहे युवा, MPYC ने CMIE रिपोर्ट पेश कर मुख्यमंत्री को घेरा

मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर को 8.1 फीसदी तक पहुंचा दिया है, IYC ने पूछा है कि सरकार भर्तियां शुरू क्यों नहीं कर रही है

Updated: Jan 07, 2022, 06:09 PM IST

सरकार की नाकामियों के कारण ओवर एज हो रहे युवा, MPYC ने CMIE रिपोर्ट पेश कर मुख्यमंत्री को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर है। बढ़ती बेरोजगारी को लेकर मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने राज्य सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई है। यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा है कि सरकार की नाकामियों के कारण प्रदेश के युवा ओवर एज हो रहे हैं। उन्होंने मांग किया है कि ओवर एज युवाओं को आगामी परीक्षाओं में मौका दिया जाए।

यूथ कांग्रेस मीडिया विभाग ने शुक्रवार को भोपाल स्थित इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया था। इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए विभाग के चेयरमैन विवेक त्रिपाठी ने कहा कि मध्य प्रदेश ने अब तक के इतिहास में सर्वाधिक बेरोजगारी के स्तर को छू लिया है। त्रिपाठी ने सरकारी आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा की, 'प्रदेश के रोजगार कार्यालय में लगभग 35 लाख बेरोजगार युवा पंजीकृत हैं। सेंटर फार मोनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों के अनुसार BJP के पंद्रह साल के शासनकाल में बेरोजगारी दर 7.1% रही जो की कमलनाथ सरकार के समय नीचे गिरकर 4.2% तक पहुंच गई थी। शिवराज सरकार की युवा विरोधी नीतियों के कारण बेरोजगारी दर पुनः सर्वाधिक 8.1% पर पहुंच गई है।'

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त्रिपाठी ने आगे कहा कि, 'राज्य में परिक्षा आयोजित कराने वाली संस्था पीईबी से पर्चा लीक होने के कारण पांच परीक्षा स्थगित की जा चुकी हैं जिसमें दोषियों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पटवारी पद पर भर्ती के लिये आयोजित होने वाली परीक्षा सन् 2017 के बाद आयोजित नहीं की गई साथ ही पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2020 से दो बार स्थगित की जा चुकी है। जिसका तीसरी बार प्रवेश पत्र जारी हुआ है। बेरोजगारी दर बढने का असर परिवारों पर  दिखने लगा है स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छ: लाख से अधिक बच्चों ने स्कूल जाना ही छोड दिया है।'

युवा नेता ने आरोप लगाया कि सीएम चौहान द्वारा पिछले माह प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना वास्तविकता में सिर्फ उधारी पत्र बाँटने तक सीमित है। सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ कर्जे का आदी बनाना चाहती है। इस से पूर्व भी शिवराज सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी जैसी अनेकों योजनाओं का भी गाजे-बाजे के साथ शुभारंभ कर चुकी है जो वर्तमान में बजट के अभाव में ठप हो चुकी है।'

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यूथ कांग्रेस के मुताबिक शिक्षित वा अशिक्षित मिला कर मध्य प्रदेश में करीब 75 लाख बेरोजगार युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। युवा संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि स्वास्थ, राजस्व, गृह, स्कूल शिक्षा, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण, जल संसाधन, उच्च शिक्षा, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एव तकनीकी शिक्षा आदि विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करें। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के प्रदेश सचिव अनिल मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष आकाश चौहान एवं सोनल नायक उपस्थित रहे।