MP पुलिस के रिटायर्ड डीजी ने IPS ग्रुप में शेयर किया नफरती पोस्ट, डीजीपी ने किया बाहर

वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी का नफरती ज्ञान ऑफिसियल ग्रुप में फॉरवर्ड कर फंसे MP के पूर्व स्पेशल डीजी मैथिलीशरण गुप्त, IPS एसोसिएशन ने ग्रुप से हटाया

Updated: Jan 07, 2022, 06:03 PM IST

MP पुलिस के रिटायर्ड डीजी ने IPS ग्रुप में शेयर किया नफरती पोस्ट, डीजीपी ने किया बाहर

भोपाल। इंटरनेट के इस युग में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे फर्जी ज्ञान की पहुंच इतनी बढ़ गई है कि अब पढ़े-लिखे लोग भी इसे सच मानने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से सामने आया है जहां रिटायर्ड डीजीपी ने वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी का नफरती पोस्ट आईपीएस एमपी ग्रुप में शेयर कर दिया। जिसके बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने उन्हें तत्काल ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्य प्रदेश पुलिस में स्पेशल डीजी के पद से रिटायर हुए आईपीएस अधिकारी मैथलीशरण गुप्त ने शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान बंटवारे से जुड़ा एक नफरती पोस्ट फॉरवर्ड किया था। बताया जा रहा है कि इस पोस्ट में देश की बर्बादी का कारण मुसलमानों को बताया गया था। साथ ही उनके देश में रहने का कारण अंग्रेजों को बताया गया। मामले पर आपत्ति लेते हुए डीजीपी विवेक जौहरी ने उन्हें पोस्ट हटाने के निर्देश दिए। लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद जौहरी ने उन्हें ग्रुप से निष्कासित कर दिया। 

मामले पर हम समवेत ने जब रिटायर्ड अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके पोस्ट में कुछ भी गलत नहीं था और उन्होंने सत्य तथ्य फॉरवर्ड किए थे। लेकिन काले अंग्रेजों को यह ठीक नहीं लगा और उन्होंने आपत्ति जताई। गुप्त ने हम समवेत से बातचीत के दौरान न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बल्कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने यहां तक कहा कि महात्मा गांधी को पाकिस्तान चले जाना चाहिए था। 

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गुप्त ने इस दौरान संविधान के प्रावधानों से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के खिलाफ भी अपनी कुंठा निकाली और भारत को हिंदू राष्ट्र बताया। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने उन्हें किसी 'क्राइम फ्री भारत थ्रू ऑटोमेटेड सपोर्ट सिस्टम' इनिशिएटिव का प्रोजेक्ट लीडर बनाया है। बता दें कि कल ही एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि किस तरह आईटी सेल के द्वारा Tek Fog ऐप के माध्यम से सोशल मीडिया पर नफरती प्रोपेगैंडा को फैलाया जा रहा है।