ओलंपियन विवेक सागर की माँ का ख़्वाब पूरा करेगी एमपी सरकार, सीएम शिवराज ने किया खिलाड़ियों का सम्मान

हॉकी में देश को पदक दिलाने वाले एमपी के लाल का सम्मान, मध्य प्रदेश सरकार ने दिया 1 करोड़ रुपए, आज से ही नियुक्त हुए डीएसपी, मां के लिए पक्का मकान बनाने का था ख्वाब, अब मध्य प्रदेश सरकार देगी घर

Updated: Aug 12, 2021, 08:21 PM IST

ओलंपियन विवेक सागर की माँ का ख़्वाब पूरा करेगी एमपी सरकार, सीएम शिवराज ने किया खिलाड़ियों का सम्मान
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भोपाल। टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले मध्य प्रदेश के लाल विवेक सागर को आज सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सम्मानित किया। सीएम ने होनहार युवा खिलाड़ी पर सौगातों की झड़ी लगा दी। विवेक सागर का सपना था कि बड़ा होकर अपनी मां के लिए एक पक्का मकान बना पाएं। खास बात ये है कि अब विवेक सागर का यह सपना मध्य प्रदेश सरकार पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि उनकी मां जहां चाहेंगी, वहां उनके लिए घर बनवाया जाएगा।

गुरुवार को राजधानी भोपाल स्थित मिंटो हॉल में विवेक सागर समेत अन्य खिलाड़ियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। युवा दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम दौरान नीलकांता जिन्होंने मध्य प्रदेश में ट्रेनिंग की थी और प्रदेश के स्टार शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह, पदक विजेता टीम के सहायक प्रशिक्षक शिवेंद्र सिंह और विवेक सागर के पूर्व प्रशिक्षक अशोक ध्यानचंद को भी सम्मानित किया गया। हालांकि नीलकांत आने गृह राज्य में होने के कारण समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए। कार्यक्रम में सीएम शिवराज, खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया समेत कई गणमान्य नेता मौजूद रहे।

गुरुवार सुबह राजधानी भोपाल पहुंचते ही एयरपोर्ट पर ही विवेक सागर को सम्मानित करने वालों का तांता लगा हुआ था। मिंटो हॉल में भी विवेक ही छाए रहे। इस दौरान सीएम शिवराज ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें एक करोड़ रुपए का चेक सौंपा। इतना ही नहीं उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी का रैंक दिया गया। सीएम शिवराज ने इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि आज से ही विवेक सागर मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी नियुक्त होंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें ऑफिस नहीं जाना होगा बल्कि अपने खेल पर ही ध्यान देना होगा। 

सीएम ने इस दौरान कहा कि, 'जिद, जुनून, जज्बा और संकल्प है तो दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं है जिसे पाया नहीं जा सकता। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने केवल कांस्य पदक ही नहीं जीता है, बल्कि भारतीय हॉकी का यह पुनर्जागरण है।' कार्यक्रम के दौरान विवेक के परिजनों को भी बुलाया गया था। सीएम शिवराज ने यहां उन्हें प्रणाम कर शुभकामनाएं दी और वादा किया कि खिलाड़ियों की ट्रेनिंग में संसाधनों की कमी आड़े नहीं आएगी। 

इस दौरान सीएम शिवराज ने महिला हॉकी टीम टीम के भी प्रत्येक सदस्य को 31 लाख रुपए देने का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि महिला हॉकी टीम ने इसबार गजब कर दिया। जीतने पर तो इनाम मिलता ही है, लेकिन चौथे स्थान पर आकर देश में हॉकी का पुनर्जागरण करने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उनका दिल टूटने नहीं देना है, उनका हौसला बढ़ाना है। 

विवेक सागर ने इस दौरान मीडिया से कहा कि उनका अगला लक्ष्य मेडल का रंग परिवर्तन करने का होगा। उन्होंने कहा है कि अगली बार टीम इंडिया जरूर गोल्ड जीतने में कामयाब होगी। विवेक ने सीएम शिवराज को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज हमें गर्व हो रहा है कि हमारे शिवराज मामा यहां पर हैं। कार्यक्रम के दौरान खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने विवेक का हौसलाअफजाई किया। सिंधिया उनके ब्रॉन्ज मेडल को सम्मान के साथ अपने माथे पर लगाईं और प्रदेश के बेटे की इस उपलब्धि से भावविभोर हो गईं।  

होशंगाबाद जिले के चांदोन पिपरिया गांव के रहने वाले विवेक सागर एक बेहद निम्न परिवार से आते हैं। उनका प्रारंभिक जीवन आर्थिक बदहाली से गुजरा। महज 7 हजार की तनख्वाह पाने वाले विवेक के पिता मुश्किल से घर के राशन का व्यवस्था कर पाते थे। पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि विवेक को हॉकी स्टिक या जूते दिला सके, इसलिए वे विवेक को हॉकी खेलने से रोकते थे। लेकिन हॉकी को लेकर जुनून इतना था कि विवेक छिपकर खेलने जाते रहे, दोस्तों की टूटी हॉकी से ही उन्होंने खेलना शुरू किया। हालांकि, विवेक की मां उन्हें सपोर्ट करती रहीं। विवेक के पिता को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा टूटी हॉकी से खेल सीख कर एक दिन देश के लिए मेडल लाएगा।