छठ महापर्व का तीसरा दिन, आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे व्रती, भोपाल में 50 से अधिक स्थानों पर होगी पूजा

आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। आज के दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है। यानी आज डूबते हुए सूर्य क अर्घ्य दिया जाता है।

Updated: Oct 30, 2022, 12:03 PM IST

छठ महापर्व का तीसरा दिन, आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे व्रती, भोपाल में 50 से अधिक स्थानों पर होगी पूजा

भोपाल। लोकआस्था का महापर्व छठ व्रत का आज तीसरा दिन है। आज के दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है। यानी छठ व्रती डूबते हुए सूरज हो अर्घ्य देंगे। राजधानी में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। छठ का मुख्य आयोजन शीतलदास की बगिया, खटलापुरा, कमला पार्क, मां सरस्वती मंदिर भेल बरखेड़ा में होगा।

जानकारी के मुताबिक शहर के 50 से अधिक अलग-अलग स्थानों पर छठ पूजा होगी। भोजपुरी एकता मंच द्वारा यह कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। रविवार को डूबते हुए सूर्य भगवान को अघ्र्य देकर आराधना करना, सूर्य भगवान को नौका विहार कराना, 2100 दीपों का दीपदान करना भोपाल में आकर्षण का केंद्र रहेगा।

रविवार व सोमवार को छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर काम पूरा हो गया है। भोपाल में शीतलदास की बगिया, खटलापुरा घाट, काली मंदिर घाट, अशोका गार्डन, बागसेवनिया विश्वकर्मा मंदिर, सरस्वती मंदिर, बरखेड़ा व शिव मंदिर, कलिया सोत, जाटखेड़ी। द्वारका नगर, राजेंद्र नगर, ओल्ड सुभाष नगर, अशोका गार्डन, अयोध्या नगर आदि स्थानों के मंदिरों में पूजा कुंड बनाए गए है। जिससे सूर्यदेव को अघ्र्य दिया जा सके।

इससे पहले शनिवार को भोजपुरी समाज के लोगों ने पूरे दिन व्रत रखकर संध्या को प्रसाद ग्रहण किया गया। इसे खरना या लोहण्डा कहा जाता है। इसके बाद भोजपुरी समाज के लोगों ने घाटों की निरीक्षण किया। सभी घाटों व कुंड पर विद्युत साज-सज्जा का व्यवस्था किया गया है।