MP विधानसभा का विशेष सत्र, ट्रैक्टर लेकर पहुंचे कांग्रेस MLA, पुलिस से झूमाझटकी
देश की सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के मुद्दे पर चर्चा हेतु सोमवार को MP विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।
भोपाल। देश की सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के मुद्दे पर चर्चा हेतु सोमवार को MP विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। सदन में 'नारी शक्ति वंदन' विषय पर चर्चा के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने मंत्रालय के आगे बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया गया। शाह का कहना है कि उन्होंने ट्रैक्टर का पास बनवाया था, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक्टर ले जाने की अनुमति नहीं है।
इसी बात को लेकर पुलिस और विधायक के बीच जमकर बहस हुई और धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में विधायक सदन में गेंहू का गठ्ठा लेकर चले गए। सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने कहा कि वर्तमान सीटों पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए, ताकि वे अपनी भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह फैसलों को टालना महिलाओं के साथ न्याय नहीं है।
उन्होंने मांग की कि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए भी “कोटे के भीतर कोटा” का प्रावधान किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सशक्त नारी से ही सशक्त परिवार और देश बनता है। सोलंकी ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था—एक तरफ 500 पुरुष खड़े हों और दूसरी तरफ 20 महिलाएं साथ खड़ी हो जाएं, तो देश बदला जा सकता है।
सदन में चर्चा के दौरान सीएम मोहन यादव की गैरमौजूदगी पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल खड़े किए। सिंघार ने कहा कि इतने गंभीर विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री सदन में मौजूद नहीं हैं। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि यह शासकीय संकल्प मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किया गया है, इसलिए उन्हें इस समय सदन में रहना चाहिए। उन्होंने इसे महिलाओं का अपमान बताया।
सदन में चर्चा के दौरान भारी बवाल के बीच कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने वॉकआउट को लेकर कहा कि बीजेपी महिलाओं की बात तो करती है, लेकिन जब आरक्षण लागू करने की बात आती है तो उसे परिसीमन के बाद लागू करने की बात कहती है।
उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अधिकार देना ही है, तो परिसीमन का इंतजार क्यों किया जाए, इसे अभी से लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी इसी मांग को रखती है। राठौर ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा और नौटंकी नहीं होनी चाहिए, इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया।




