भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने की सजा, बड़वानी में आदिवासी शिक्षक निलंबित, कांग्रेस बोली- ये सरकार की बौखलाहट

शिक्षक ने भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होकर राहुल गांधी को तीर कमान भेंट किया था, इसी बात को लेकर उसे सस्पेंड कर दिया गया।

Updated: Dec 03, 2022, 12:49 PM IST

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने की सजा, बड़वानी में आदिवासी शिक्षक निलंबित, कांग्रेस बोली- ये सरकार की बौखलाहट

बड़वानी। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा इन दिनों मध्य प्रदेश में है। राज्य में इस यात्रा को सभी वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। किसान, मजदूर, शिक्षक से लेकर डॉक्टर सभी पेशे के लोग इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं। यात्रा को मिल रहे जनसमर्थन को लेकर सत्ताधारी दल की बौखलाहट भी सामने आने लगी है।

इसी बौखलाहट के कारण बड़वानी के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। दरअसल, बड़वानी जिले के प्राथमिक शाला कुजरी के शिक्षक राजेश कनोजे ने 24 नवंबर को आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होकर बोरगांव और रस्तमपुर के बीच में राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरन राहुल गांधी से आदिवासी समुदाय के मुद्दों पर बात कर उन्होंने कांग्रेस नेता को तीर कमान भी भेंट किया था। 

इसके अगले ही दिन सहायक आयुक्त बड़वानी द्वारा आदेश जारी कर राजेश कनोजे को निलंबित कर दिया गया। निलंबन पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दल की रैली में सम्मिलित होकर उन्होंने मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण-1965 के नियम-5 का उल्लंघन किया है। इस वजह से उन्होंने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। जबकि कांग्रेस लगातार कह रही है कि ये कोई राजनीतिक रैली नहीं है। बल्की ये नफरत के खिलाफ देश को एकजुट करने के लिए निकाली गई यात्रा है। ऐसे में शिक्षक को सस्पेंड करना समझ से परे है। 

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इस कार्रवाई के बाद राज्य सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता देखकर शिवराज सरकार डरी हुई है। बाला बच्चन ने कहा कि, 'राहुल गांधी की इस यात्रा से बीजेपी नेताओं की नींद उड़ी हुई है। भारी संख्या में शासकीय कर्मचारी यात्रा से जुड़ रहे हैं। मैने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का ऑर्डर देखा। इससे साफ है कि शिवराज सरकार कितनी डरी हुई है। समय आने पर मध्य प्रदेश की जनता इसका हिसाब जरूर करेगी।'

मामले पर पीड़ित शिक्षक राजेश कनोजे का कहना है, 'मैं शिक्षक हूं। मुझे राहुल गांधी से मुलाकात करने के चलते सस्पेंड किया गया है। मैंने राहुल गांधी से आदिवासी समाज की समस्याओं को लेकर बातचीत की थी। उन्हें बताया था की जल-जंगल और जमीन निजी कंपनियों के हाथ में जा रहा है। फॉरेस्ट एक्ट के तहत हमें जो अधिकार मिलना चाहिए वो नहीं मिल रहा है।