सीहोर ट्रिपल मर्डर केस के दो सह आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार

स्टाइलिश लाइफ और अय्याशी के लिए बेटा बेचना चाहता था जमीन, सौतेली मां ने रोका तो बेटे ने मां, मौसी और बहन का किया कत्ल, मौसी के भतीजे ने दी थी आरोपी को अपने घर में शरण, CCTV और कॉल डीटेल से खुलासा, आरोपी नरेंद्र का मददगार साला भी गिरफ्तार

Updated: Jul 22, 2021, 05:42 AM IST

सीहोर ट्रिपल मर्डर केस के दो सह आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार

सीहोर। सौतेली मां, बहन और मौसी की हत्या करके भागे आरोपी बेटे के बारे में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी नरेंद्र ने अपने मंहगे शौक और अय्याशी के लिए तीनों की हत्या कर दी। आरोपी ने कई बैंकों से कर्ज ले रखा था, जिसे चुकाने के लिए वह अपने कोड़िया छीतू गांव की 10 एकड़ जमीन बेचना चाहता था। लेकिन उसकी सौतेली मां को यह कतई मंजूर नहीं था। जिसे लेकर दोनों का विवाद चल रहा था। सौतेली मां समेत 3 की हत्या करके भागे आरोपी बेटे के दो सहयोगियों ने पुलिस के सामने इस बात की जानकारी दी है।

दरअसल इस ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने हत्याकांड के मुख्य आरोपी नरेंद्र मालवीय की मदद की थी। दोनों सहयोगी नरेंद्र के रिश्तेदार है। सौतेली मां, मौसी औऱ सौतेली बहन की हत्या करने के बाद नरेंद्र बाइक लेकर अपने ससुराल जावर थाना क्षेत्र के गांव हकीमपुर खोयरा पहुंचा था। वहां पर उसके साले सोनू उर्फ सुनील के पास बाइक छिपाकर इंदौर रवाना हो गया। नरेंद्र के इंदौर जाने का इंतजाम सोनू ने किया था। आरोपी को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस ने सोनू उर्फ सुनील को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं इंदौर पहुंचे आरोपी को अपने घर में पनाह देने वाला शख्स भी कोई और नहीं बल्की मृतक मौसी का भतीजा था। डीएसपी मनोज मिश्रा से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी नरेंद्र को मृतका अयोध्या बाई के जेठ के बेटे नीलेश ने अपने घर पर संरक्षण दिया था। देवीलाल का बेटा नीलेश अपनी चाची के हत्यारे के साथ घूमते CCTV में कैद हुआ है, वहीं पुलिस को इनकी कॉल डीटेल भी मिली है। नीलेश ने अपनी चाची के हत्यारे नरेंद्र को अपने घर में तो छिपाया ही साथ ही उसकी आर्थिक रूप से मदद भी की। सबूतों के आधार पर पुलिस ने नीलेश को नरेंद्र की मदद करने के मामले में आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर लिया। दरअसल नीलेश शाजापुर जिले के गांव शंभूपुरा का रहने वाला है, लेकिन कुछ समय से इंदौर में रहने लगा था। फिलहाल पुलिस को ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपी 35 वर्षीय नरेंद्र मालवीय की तलाश है।

दरअसल मुख्य आरोपी नरेंद्र मावलीय शौकीन मिजाज का शख्स है। अपने महंगे शौख के चलते उसने अलग-अलग बैंकों में 30 से ज्यादा खाते खोल रखे हैं। उसके पास 40 ATM और विभिन्न बैंको के क्रेडिट कार्ड थे।  उसके लोन की किस्त उसका लाइनमैन पिता अनोखीलाल जमा करता था।

15 जुलाई को सीहोर के कोड़ियाछीतू गांव में नरेंद्र में 10 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद की वजह से अपनी सौतेली मां, मौसी और सौतेली बहन की गला रेतकर हत्या कर दी थी। आरोपी नरेंद्र का पिता अनोखीलाल मालवीय बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर है। उसने तीन शादियां की हैं। उसकी पहली पत्नी छरजूबाई से उसका तलाक हो गया है। वहीं दूसरी पत्नी गोकुलबाई से एक बेटा है नरेंद्र मालवीय। नरेंद्र के पिता अनोखीलाल ने अपनी दूसरी पत्नी की मौत के बाद चिंताबाई से तीसरी शादी रचाई। तीसरी पत्नी से उसके दो बेटियां और एक बेटा है।

गुरुवार 15 जुलाई को नरेंद्र ने अपनी सौतेली मां चिंताबाई, मौसी अयोध्या बाई और सौतेली बहन पूनम की हत्या कर दी। खेत में बने इस घऱ में चिंताबाई अपनी बहन और बच्चों के साथ रहती थी। एक मंजिल में सौतेली मां और भाई बहन रहते थे। वहीं दूसरे फ्लोर पर नरेंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। जमीन को लेकर दोनों में आए दिन झगड़ा होता रहता था।

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पुलिस का कहना है कि नरेंद्र ने अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है, गांव में बच्चों को कोचिंग पढ़ाता था। लॉकडाउन की वजह से उसकी कोचिंग बंद हुई और उसकी माली हालत बिगड़ गई। अपने महंगे शौख की वजह से उसने कई बैंकों से लाखों रुपए का लोन ले रखा है। उसकी मंशा थी की 10 एकड़ जमीन बेचकर वह अपना कर्जा चुका देगा। लेकिन इसके लिए उसकी सौतेली मां कतई तैयार नहीं थी। जिसे लेकर दोनों में विवाद होता रहता था।

15 जुलाई को भी दोनों में बहस हुई और उसने रास्ते से हटाने के लिए अपनी सौतेली मां, बहन औऱ मौसी की हत्या कर दी। हत्या के बाद मौसी के भतीजे के यहां शरण लेकर छिप गया। पुलिस ने नरेंद्र को शरण देने वाले दो सह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संभवत: यह पहला मौका है कि मुख्य आरोपी से पहले उसके मददगार पुलिस हिरासत में पहुंच गए है, पुलिस का दावा है कि वह जल्द ही नरेंद्र को खोज निकालेगी।