लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से विपक्ष के 19 सांसद सस्पेंड, महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की सजा

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही में विघ्न डालने और सभापति के समक्ष अभद्र व्यवहार करने के आरोप में विपक्ष के 19 सांसदों को सदन की कार्यवाही से एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है, ये सभी सांसद मंहगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे

Updated: Jul 26, 2022, 04:26 PM IST

लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से विपक्ष के 19 सांसद सस्पेंड, महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने की सजा

नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष को भारी पड़ता नजर आ रहा है। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के 19 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। ये सभी सांसद महंगाई को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे थे। इससे पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अभद्र व्यवहार के आरोप में 4 कांग्रेसी सांसदों को निलंबित किया जा चुका है।

निलंबित किए गए सांसदों में टीएमसी के सुष्मिता देब, डॉ. शांतनु सेन और डोला सेन के अलावा मौसम नूर, शांता छेत्रीय, नदीमुल हक, अबीरंजन विश्‍वास के अलावा कम्युनिस्ट सांसद ए. रहीम और शिवदासान, डीएमके के कनिमोझी और टीआरएस के बीएल यादव और मोहम्‍मद अब्‍दुल्‍ला शामिल हैं। 

सर्वाधिक 7 सांसद तृणमूल कांग्रेस के निलंबित किए गए हैं। जबकि डीएमके के 6 सांसदों को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा टीआरएस के 3 और वाम दलों के 3 सांसदों को निलंबित किया गया है।

सोमवार को विपक्षी दल कांग्रेस के चार सांसदों को लोकसभा से सस्पेंड कर दिया गया था। ये सभी सांसद लगातार मूल्यवृद्धि के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।  उन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से निलंबित किया गया है। जिन कांग्रेसी सांसदों को सस्‍पेंड किया गया है उनमें मणिकम टैगोर, जोतिमनी, रम्‍या हरिदास और टीएन प्रतापन शामिल हैं।

ये सांसद महंगाई के खिलाफ सदन के अंदर तख्तियां लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले पीठासीन सभापति ने सांसदों को कहा कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं तो सदन के अंदर मर्यादा को बनाए रखें। यदि तख्तियों के साथ विरोध करना है तो संसद के बाहर करें।