अग्निपथ योजना वापस नहीं होगी, प्रदर्शन में शामिल युवाओं को नहीं करेंगे शामिल, केंद्र का अड़ियल रवैया

केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद रक्षा मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा है कि इस योजना को वापस नहीं लिया जाएगा और जो युवक उग्र प्रदर्शन में शामिल थें उन्हे भर्ती भी नहीं मिलेगी

Updated: Jun 19, 2022, 06:26 PM IST

अग्निपथ योजना वापस नहीं होगी, प्रदर्शन में शामिल युवाओं को नहीं करेंगे शामिल, केंद्र का अड़ियल रवैया
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नई दिल्ली। केंद्र की नई सैन्य भर्ती योजना अग्निपथ के लिए आवेदन करने वालों को अब शपथ पत्र देना होगा कि वे देश भर में फैले किसी भी हिंसक विरोध या आगजनी की घटना में शामिल नहीं थे। स्थानीय पुलिस इसका सत्यापन करेगी तभी उन्हें सेना ज्वॉइन करने का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार ने अड़ियल रुक दिखाते हुए यह भी कहा है कि यह योजना वापस नहीं होगी।

केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम के खिलाफ जारी विरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को तीनों सेना के प्रमुख के साथ बैठक की। इसके बाद योजना की विस्तृत जानकारी देने के लिए तीनों सेना के प्रमुखों ने प्रेस कान्फ्रेंस की। इसमें डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने केंद्र की योजना का पूरा खाका रखने के साथ तीन बातें स्पष्ट कर दीं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ये योजना वापस नहीं की जाएगी। दूसरा ये कि अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसा में शामिल लोगों को भर्ती में कोई जगह नहीं मिलेगी। तीसरा ये की अब रेगुलर भर्तियां नहीं होंगी। यानी सभी भर्तियां इसी स्कीम के तहत होंगी।

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 इस दौरान यह भी कहा गया कि योजना में युवाओं की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए जो भी बदलाव किए गए हैं, वो किसी भी दबाव के तहत नहीं हैं, बल्कि ये पूर्व से ही प्रस्तावित थे। सेना की ओर से इस पूरी कवायद का फोकस ये रहा कि युवा को समझाया जाए कि योजना उनके लिए फायदेमंद है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शीर्ष रक्षा अधिकारी ने कहा कि भारतीय सेना में 30 साल की उम्र वाले सैनिकों की बड़ी संख्या है। सेना जवानों की उम्र का पहलू चिंताजनक है। ऐसे में हम सेना में जोश और होश दोनों का कांबिनेशन चाहते हैं। 

अग्निपथ योजना पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि, 'अनुशासन भारतीय सेना की नींव है। यहां आगजनी, तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं। भर्ती में आया प्रत्येक व्यक्ति एक प्रमाण पत्र देगा कि वे विरोध या बर्बरता का हिस्सा नहीं था। उसके बिना कोई शामिल नहीं हो सकता। यदि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है, तो वे शामिल नहीं हो सकता। उन्हें नामांकन फॉर्म के हिस्से के रूप में यह लिखने के लिए कहा जाएगा कि वे आगजनी का हिस्सा नहीं थे, फिर उनका पुलिस सत्यापन किया जाएगा। हमने इस योजना को लेकर हाल में हुई हिंसा का अनुमान नहीं लगाया था। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है।

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नई शुरू की गई अग्निपथ योजना को रद्द करने के संबंध में अनिल पूरी ने यह कहा कि, 'इसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। यह देश को युवा बनाने का एकमात्र प्रगतिशील कदम है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। क्या आप जानते हैं कि ऊंचाई और बर्फ वाले क्षेत्रों से स्वास्थ्य कारणों से कितने सैनिकों की मौत होती है? इसके बारे में पढ़ें, तब आपको पता चलेगा कि युवा क्यों महत्वपूर्ण हैं। हम जोश और होश का मिश्रण चाहते हैं और इसीलिए हम आयु प्रोफ़ाइल को कम करना चाहते हैं। वर्तमान में औसत आयु 32 वर्ष है और हम इसे कारगिल समीक्षा समिति और अरुण सिंह समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार कम करना चाहते हैं।'

अनिल पूरी ने आगे कहा कि, 'हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने भी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे।' उधर देशभर में इस स्कीम का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस जंतर मंतर पर सत्याग्रह कर रही है। वहीं आरजेडी ने कहा है कि यदि बीजेपी के नेता अग्निवीर बनेंगे तो उन्हें पार्टी की तरफ से 24 लाख रुपए दिया जाएगा।