निसिथ प्रामाणिक की नागरिकता पर पीएम मोदी को चिट्ठी, असम कांग्रेस अध्यक्ष ने की जांच की मांग

रिपुन बोरा ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी में भारत के विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है, जिसमें निसिथ के बांग्लादेशी नागरिक होने का दावा किया गया है, कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से कहा है कि निसिथ प्रमाणिक के जन्म स्थान और नागरिकता की जांच होनी चाहिए

Updated: Jul 18, 2021, 12:51 PM IST

निसिथ प्रामाणिक की नागरिकता पर पीएम मोदी को चिट्ठी, असम कांग्रेस अध्यक्ष ने की जांच की मांग

नई दिल्ली। हाल ही में गृह राज्य मंत्री बने भाजपा नेता निसिथ प्रामाणिक की नागरिकता और उनके जन्म स्थान से जुड़ा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। निसिथ प्रामाणिक की नागरिकता को लेकर अब असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भी सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है, और मंत्री के जन्म स्थान और नागरिकता की जांच करने की मांग की है। 

रिपुन बोरा ने अपने पत्र में मोदी से कहा है कि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में निसिथ को बांग्लादेशी नागरिक बताया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक निसिथ प्रामाणिक का जन्म बांग्लादेश के गायबांधा के हरिनाथपुर में हुआ है। बोरा ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पीएम को अपनी चिट्ठी में बताया कि निसिथ पश्चिम बंगाल कंप्यूटर की पढ़ाई करने के लिए आए। इसके बाद वे टीएमसी से जुड़े और अंत में कूचबिहार से बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए। 

रिपुन बोरा ने पीएम को बताया कि रिपोर्ट्स के मुताबिक निसिथ ने अपने चुनावी हलफनामे में अपना पता कूचबिहार बताया है। लेकिन एक चैनल ने बांग्लादेश में स्थित उनके पैतृक गांव में मंत्री के बड़े भाई और ग्रामीणों से जब बात की तब उन सभी लोगों ने प्रामाणिक के मंत्री बनने पर खुशी जताई। बोरा ने पीएम से कहा है कि अगर यह सब सही है तो यह बेहद ही चिंता का विषय है कि एक विदेशी नागरिक केंद्रीय मंत्री है। बोरा ने इतना कहते हुए प्रधानमंत्री से प्रामाणिक की नागरिकता और जन्म स्थान जांचने की मांग की। 

दरअसल हाल ही में हुए मंत्री मंडल के विस्तार में निसिथ प्रामाणिक को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया। निसिथ के मंत्री बनने के बाद एक बांग्लादेशी फेसबुक पेज ने उनके मंत्री बनने पर बधाई दी। पेज ने दावा किया कि निसिथ बांग्लादेश के नागरिक हैं। इसके बाद से ही निसिथ के बांग्लादेशी नागरिकता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।