लिमिट में फायदेमंद होता है, 10 बजे के बाद पिएं और घर में रहें, पूर्व CM ने लोगों को दी शराब पीने की सलाह

शराबबंदी कानून को लेकर बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा है कि बड़े-बड़े लोग, आईएस-आईपीएस, मंत्री-विधायक सब शराब पीते हैं, लेकिन रात में पीते हैं तो पता नहीं चलता

Updated: Dec 16, 2021, 01:54 PM IST

लिमिट में फायदेमंद होता है, 10 बजे के बाद पिएं और घर में रहें, पूर्व CM ने लोगों को दी शराब पीने की सलाह

पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने गरीबों को बड़े लोगों के तरह शराब पीने का सलाह दिया है। नीतीश सरकार में सहयोगी जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर कहा है कि बड़े-बड़े लोग, आईएस-आईपीएस, मंत्री-विधायक, सब शराब पीते हैं, लेकिन रात में पीते हैं इसलिए पता नहीं चलता।

पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार को बगहा में अपनी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि 'एक ओपेन सेक्रेट है, कहीं कोई हमसे पूछे। इसके लिए कोई भी प्रताड़ना हमें क्यों न दे दे, ये सत्य है कि जो बड़े लोग हैं, जो धनवान हैं, ठेकेदार हैं, इंजीनियर हैं, डॉक्टर हैं, आईएएस हैं, आईपीएस हैं, जज हैं, मंत्री हैं ये सब लोग एक लिमिट में शराब पीते हैं। और रात 10 बजे के बाद पीते हैं। दुनिया के लोग नहीं जानते कि वो पीते हैं।'

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मांझी ने शराबबंदी कानून से बचने का तरीका भी बताया। उन्होंने कहा, 'हम वही कहते हैं अपने गरीबों को कि क्यों पीकर इधर-उधर करते हो? तुम लिमिट में पीयो, जैसे बड़े लोग पीते हैं। पकड़े इसलिए जाते हो कि तुम पीकर चौराहे पर घूमने लगते हो। इसीलिए लोग कहते हैं, मुंह में सूंघने लगता है (पुलिस)। उनलोगों (बड़े लोग) के मुंह में नहीं लगाता है। इसलिए उनलोगों से सीखो और उसी रूप में रात में अगर तुमको लेना है तो लेकर (शराब) सो जाओ। सुबह उठकर अपना काम करो, जैसे बड़े लोग करते हैं।'

मांझी यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि, 'मेडिकल साइंस भी कहता है कि एक लिमिट में शराब लेना फायदेमंद होता है। हमारी जाति में देवी-देवता को भी शराब चढ़ती है। सूअर की बलि देने से पहले उसको शराब पिलाई जाती है। हमारी सभ्यता में ही शराब है, इसे हटाया नहीं जा सकता है। जब मैं छोटा था तो मेरे घर भी शराब बनती थी। मेरी मां और पिताजी शराब बनाते थे।'

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून की आड़ में गरीबों और दलितों को पकड़कर गलत तरीके स्व जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधा बोतल और एक बोतल शराब का सेवन करने पर जेल भेजना न्याय संगत नहीं है। यदि कोई 50 लीटर 100 लीटर के साथ पकड़ में आ रहा है तो उसको जेल भेजना चाहिए।'