बिहार में 15 मई तक के लिए लगा लॉकडाउन, नीतीश कुमार ने ट्वीट कर दी जानकारी

सोमवार को पटना हाईकोर्ट ने भी सरकार से पूछा था कि आखिर बिहार सरकार के पास लॉकडाउन को लेकर क्या एक्शन प्लान है? सरकार को आज ही कोर्ट में इसकी पूरी जानकारी देनी है। इन परिस्थियों के बीच लॉकडाउन पर फैसला लेने की घोषण एक संभावित कदम ही कहा जा रहा है।

Updated: May 04, 2021, 12:43 PM IST

बिहार में 15 मई तक के लिए लगा लॉकडाउन, नीतीश कुमार ने ट्वीट कर दी जानकारी
Photo courtesy: ABP

पटना। देश भर में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीज दम तोड़ रहे हैं। बिहार में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में 15 मई तक लॉकडाउन की घोषणा की है। राज्य में लॉकडाउन लगने की जानकारी सीएम नीतीश कुमार ने खुद ट्वीट कर दी है।


मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, " कल सहयोगी मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद बिहार में फिलहाल 15 मई, 2021 तक लाॅकडाउन लागू करने का निर्णय लिया गया. इसके विस्तृत मार्गनिर्देशिका और अन्य गतिविधियों के संबंध में आज ही आपदा प्रबंधन समूह को कार्रवाई करने हेतू निदेश दिया गया है।" लॉक डाउन के दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बंद रहेंगी। कृषि कार्य, औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्य, स्वास्थ्य प्रतिष्ठान चालू रहेंगी।

 

 

पटना हाई कोर्ट ने  सोमवार को बिहार सरकार से सवाल किया था कि सरकार सूबे में पूर्ण लॉकडाउन पर क्या निर्णय ले रही है? इस मामले में विचार कर मंगलवार यानी 4 मई तक कोर्ट ने जवाब देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने बिहार सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि बिहार सरकार कोरोना नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नही उठाएं हैं। सरकार कोरोना की कड़ी तोड़ने में नाकाम हो रही है। इससे पहले आईएमए ने भी बिहार के हालात को देखते हुए 15 दिन के लिए लॉकडाउन की मांग की थी। राजनीतिक पार्टियों की तरफ से भी लॉकडाउन करने की मांग चल रही थी।


गौरतलब है कि बिहार में पिछले 24 घंटे में 174 लोगों की मौत हो गयी। 42 की मौत पटना में हुई, जबकि 132 की मौत बिहार के अन्‍य जिलों में हुई है।  हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार राज्‍य में इलाज के दौरान 82 लोगों की मौत हुई है। मगध, भोजपुर और सारण में 59 लोग की कोरोना से जान चली गई। गया में नौ, सीवान और बेगूसराय में आठ-आठ, रोहतास में छह के अलावा नालंदा और वैशाली में पांच-पांच की मौत तो गई। भोजपुर और बक्सर में चार-चार, अरवल में तीन, सारण, गोपालगंज और कैमूर में दो-दो तथा जहानाबाद में एक की मौत हुई है।