डेंगू-मलेरिया और कोरोना के बाद किंग कोबरा ने काटा फिर भी ज़िंदा है ये योद्धा

ब्रिटिश नागरिक इयान जोन्स राजस्थान के हस्तशिल्प कलाकारों की मदद के लिए भारत आए थे, कोरोना महामारी के कारण वापस नहीं लौट सके, इस दौरान उन्हें लगातार कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा

Updated: Nov 22, 2020, 08:38 PM IST

डेंगू-मलेरिया और कोरोना के बाद किंग कोबरा ने काटा फिर भी ज़िंदा है ये योद्धा
Photo Courtesy: Aboutanimals.com

जोधपुर। राजस्थान में एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां एक शख्स को पहले डेंगू, फिर मलेरिया और फिर कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद किंग कोबरा सांप ने भी काट लिया, फिर भी वे सुरक्षित हैं। जी हां, आपने सही सुना। ये शख्स चैरिटी कार्यकर्ता और ब्रिटिश नागरिक इयान जोन्स हैं, जो राजस्थान के हस्तशिल्प कलाकारों की मदद के लिए लॉक डाउन से पहले भारत आए थे, लेकिन कोरोना महामारी फैलने की वजह से वक्त पर अपने देश नहीं लौट सके। इसी बीच उन्हें एक के बाद एक इतनी मुसीबतों का सामना करना पड़ गया। फिर भी एक योद्धा की तरह उन्होंने सारी मुश्किलों पर जीत हासिल कर ली।

डेंगू को मात देने के बाद जोन्स मलेरिया की चपेट में आ गए। मलेरिया से उबरने के बाद उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया। लेकिन उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग भी जीत ली। इन तीनों बीमारियों पर पार पाने के बाद भी उनकी मुसीबतें खत्म नहीं हुईं। उन्हें दुनिया के सबसे ज़हरीले और ख़तरनाक सांपों में शामिल काले किंग कोबरा ने काट लिया। लेकिन जोन्स ने इस बार भी मौत को मात दे दी। इलाज के लिए जोधपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद जोंस फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

अस्पताल में उनका इलाज़ करने वाले डॉक्टर अभिषेक तातर ने कहा, 'इयान जोन्स को सांप द्वारा काटे जाने के बाद अस्पताल लाया गया था। शुरूआत में हमें उनके कोरोना पॉजिटिव होने का शक हुआ। लेकिन जब उनकी जांच कराई गई तो रिपोर्ट नेगेटिव आई। उनके अंदर सांप के काटने के सभी लक्षण दिख रहे थे। जोन्स को कम दिखाई देने लगा। उन्हें चलने में भी मुश्किल होने लगी। उनका इलाज किया गया। हो सकता है उन्हें ठीक होने में कुछ ज़्यादा वक्त लग जाए, लेकिन हमें भरोसा है कि आखिरकार वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। सांप के ज़हर का कोई दीर्घकालिक दुष्प्रभाव उन पर नहीं होगा। '

बता दें कि ब्रिटेन के रहने वाले इयान जोन्स एक समाजसेवी संस्था से जुड़े हुए हैं, जो राजस्थान के स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने का काम करती है? उनका परिवार ब्रिटेन में ही रहता है। उनके बेटे सैब जोन्स ने अपने पिता की मदद के लिए बनाए गए एक वेबपेज पर उनकी तारीफ करते हुए लिखा है, "मेरे डैड एक योद्धा हैं। भारत में रहने के दौरान उन्हें मलेरिया, डेंगू औऱ कोविड-19 के संक्रमण का सामना करना पड़ा और फिर सांप ने भी काट लिया। लेकिन वे हार मानने वालों में से नहीं हैं। वे महामारी के कारण घर नहीं लौट पाए और हमसे लंबे अरसे से मिल नहीं पाए, लेकिन उनमें लोगों की मदद करने का जज़्बा है, जिसके लिए वे लगातार लगे रहते हैं।" इयान के बारे में उनके बेटे की लिखी एक-एक बात बिलकुल सही है। वो वाकई एक योद्धा हैं।