नेपाल और तिब्बत के नागरिकों को सेना में भर्ती कर रहा चीन, जिनपिंग का नया पैंतरा

हालिया इंटेजिलेंस इनपुट से पता चला है कि चीन के इस भर्ती अभियान को आगे बढ़ाने के लिए तिब्बत के सैन्य अधिकारी हिंदी ग्रेजुएट्स लोगों की तलाश में यूनिवर्सिटी का दौरा कर रहे हैं।

Updated: Jul 30, 2022, 11:44 AM IST

नेपाल और तिब्बत के नागरिकों को सेना में भर्ती कर रहा चीन, जिनपिंग का नया पैंतरा

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में सीमा पर झड़प के बाद से चीन भारत को घेरने के लिए तमाम नए पैंतरे आजमा रहा है। अब जानकारी मिली है कि चीन नेपाल और तिब्बत के नागरिकों को सेना में भर्ती कर रहा है। खासकर ऐसे लोगों को जो हिंदी लिखना और बोलना जानते हों। 

माना जा रहा है कि भारत की रणनीति को आसानी से समझने के लिए चीनी सेना हिंदी भाषा को समझने वाले तिब्बत और नेपाल के लोगों को अपनी आर्मी में जगह दे रही है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया इंटेजिलेंस इनपुट से पता चला है कि चीन के इस भर्ती अभियान को आगे बढ़ाने के लिए तिब्बत सैन्य अधिकारी हिंदी ग्रेजुएट्स युवकों की तलाश में यूनिवर्सिटी का दौरा कर रहे हैं।

रक्षा सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अपने नापाक इरादों के चलते चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ज्यादा से ज्यादा तिब्बतियों को रिक्रूट करने पर फोकस करती आई है। जबकि नियमित मिलिशिया यूनिट की भर्ती करने के उसका फोकस कम हुआ है। कई खुफिया जानकारियों से पता चला है कि पिछले साल चीन की सेना ने तिब्बतियों को अधिक संख्या में भर्ती करने का अभियान चलाया था।

एक अन्य इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, मौजूद समय में चीन की सेना में करीब 7 हजार सक्रिय तिब्बती रक्षा बल हैं। इनमें से एक हजार तिब्बतियों में 100 महिलाएं भी शामिल हैं। खास बात यह कि जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुए संघर्ष के बाद चीन ने हिंदी भाषा जानने वालों को लेकर भर्ती अभियान चलाया है। एक सूत्र के मुताबिक हिंदी भाषा जानने वालों को चीन की सेना LAC में विभिन्न भूमिकाओं के लिए इंटरसेप्शन जॉब के लिए तैनात कर सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हालांकि चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना भी लगी हुई है। भारतीय सेना भी अपने सैनिकों को तिब्बती और चीनी भाषाओं में प्रशिक्षण दे रही है। इसके तहत उत्तरी, पूर्वी और मध्य कमान के स्कूलों में मंदारिन भाषा में कई पाठ्यक्रम चल रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में भारतीय सेना ने प्रादेशिक सेना (टीए) में चीनी भाषा जानने वालों की सेना में भर्ती शुरू हो गई है।