कोरोना पर बुलाई सर्वदलीय बैठक में नहीं शामिल होगी कांग्रेस, सांसदों के सामने की चर्चा की मांग

अकाली दल ने पहले किसानों के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, वहीं कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार नहीं किया लेकिन कांग्रेस ने सेंट्रल हॉल में चर्चा करने की मांग की

Updated: Jul 20, 2021, 07:42 PM IST

कोरोना पर बुलाई सर्वदलीय बैठक में नहीं शामिल होगी कांग्रेस, सांसदों के सामने की चर्चा की मांग

नई दिल्ली। मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कोरोना पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में अकाली दल और कांग्रेस शामिल नहीं होंगे। अकाली दल ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर दिया। जबकि कांग्रेस ने सेंट्रल हॉल में चर्चा करने की मांग की। 

अकाली दल ने किसानों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर दिया। अकाली दल ने कहा कि सरकार को पहले किसानों के मसले पर चर्चा करनी चाहिए। अकाली दल ने कहा कि जब तक किसानों को लेकर प्रधानमंत्री कोई बैठक नहीं करेंगे, तब तक पार्टी पीएम के किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। 

हालांकि कांग्रेस ने अकाली दल की तरह सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार नहीं किया लेकिन कांग्रेस ने सेंट्रल हॉल में कोरोना के मसले पर चर्चा करने की मांग की। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम बैठक का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं लेकिन हम यह चाहते हैं कि चर्चा सेंट्रल हॉल में हो। सांसदों के सामने प्रेजेंटेशन दिया जाए ताकि सभी सांसद अपने क्षेत्र के लोगों को इस बारे में बता पाएं।  

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मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी जासूसी काण्ड का मुद्दा छाया रहा। यूथ कांग्रेस ने संसद की तरफ कूच किया। पेगासस जासूसी काण्ड की लिस्ट में राहुल गांधी का भी नाम सामने आने की वजह से यूथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री का इस्तीफ़ा माँगा। उधर सदन के अंदर भी विपक्ष ने जेपीसी जांच की मांग की। टीएमसी नेताओं ने भी सदन के परिसर में जासूसी काण्ड का विरोध किया। जासूसी काण्ड से इतर शिवसेना नेता संजय राउत ने कोरोना से हुईं लोगों की मृत्यु की वास्तविक संख्या ज़ाहिर करने की मांग की। संजय राउत ने कहा कि सरकार को असली आंकड़ा जारी करना चाहिए कि आखिर कोरोना से कितने लोगों ने अपनी जान गंवाई।