किल्लत के बीच हटाई गई वैक्सीन वाली मोबाइल कॉलर-ट्यून, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

केंद्र सरकार ने सभी नेटवर्क से वैक्सीन लगाने की अपील वाली कॉलरट्यून को हटा दिया है, आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने कहा है कि आखिरकार सरकार ने भी स्वीकार लिया कि वैक्सीन नहीं है

Updated: May 19, 2021, 01:20 PM IST

किल्लत के बीच हटाई गई वैक्सीन वाली मोबाइल कॉलर-ट्यून, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
Photo Courtesy: Zeenews

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच अब केंद्र सरकार कॉलरट्यून के माध्यम से टीका लगाने की अपील नहीं करेगी। बताया जा रहा है कि वैक्सीन वाली कॉलरट्यून को केंद्र ने सभी नेटवर्क से हटा लिया है। केंद्र के इस फैसले के बाद उन लोगों को काफी राहत मिलेगी तो उस ट्यून को सुन-सुनकर खीझ गए थे। बता दें कि पिछले हफ्ते ही दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे चिढ़ पैदा करने वाल ट्यून बताकर हटाने का निर्देश दिया था।

केंद्र के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने सरकार पर करारा तंज कसा है। आतिशी ने ट्वीट किया, 'नागरिकों को आगे आकर कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील वाली कॉलरट्यून को सभी फोन नेटवर्क से हटा लिया गया है। सीधा मतलब ये है कि केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि सभी के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं हैं। ऐसे में लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने का कोई मतलब नहीं बनता।'

वैक्सीन है नहीं तो कहां से लगवा लें- दिल्ली हाईकोर्ट

बता दें कि इस कॉलरट्यून को लेकर पिछले हफ्ते ही दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि, 'जब पर्याप्त वैक्सीन है नहीं, तो लोगों को क्यों कहा रहे हैं कि वैक्सीन लगवा लो। आप इस कॉलरट्यून के जरिए कबतक लोगों को परेशान करते रहेंगे। फोन करने पर चिढ़ पैदा करने वाली ट्यून सुनाई पड़ती है कि वैक्सीन लगवाइए, कौन और कहां से लगाएगा वैक्सीन, जब ये है ही नहीं।'

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उच्च न्यायालय ने यह भी पूछा था कि आखिर कबतक आप यह ट्यून बजाते रहेंगे। जस्टिस विपिन सिंघई और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने कहा, 'हमें नहीं पता कि यब कितना लंबा चलता रहेगा, खासकर ऐसे समय में जब सरकार के पास वैक्सीन नहीं है। लोग टीका मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ऊपर से आप कह रहे हैं, टीका लगाइए। आखिर इस संदेश का मतलब क्या है?' सरकार को ऑक्सीजन को लेकर संदेश बनाना चाहिए, ये नहीं कि एक बात को हमेशा चलाते रहें। जैसे एक टेप जबतक खराब नहीं होता, बजता रहता है।'