बूट से मारा.. सड़कों पर घसीटा.. बैरिकेड लगाकर क़ैद किया, ऐसा रहा कांग्रेस नेताओं के लिए दिल्ली पुलिस का व्यवहार

सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ बलप्रयोग के बाद कांग्रेस दफ्तर में घुसी दिल्ली पुलिस, सांसदों और पूर्व मंत्रियों के साथ मारपीट, महिला सांसदों को सड़कों पर घसीटा, सुरजेवाला बोले- इस घटना के लिए जिम्मेदार एक-एक अधिकारी का हिसाब लिया जाएगा

Updated: Jun 15, 2022, 11:16 PM IST

बूट से मारा.. सड़कों पर घसीटा.. बैरिकेड लगाकर क़ैद किया, ऐसा रहा कांग्रेस नेताओं के लिए दिल्ली पुलिस का व्यवहार

नई दिल्ली। राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ के तीसरे दिन दिल्ली पुलिस ने अत्याचार की सारी सीमाओं को पार कर दिया। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर सांसदों और कांग्रेस नेताओं के साथ मारपीट की। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने महिला नेताओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस महिला सांसदों को तपती सड़क पर घसीट घसीट कर ले गई। इतना ही नहीं जुर्म की इस वारदात को कैमरों में कैद कर रहे पत्रकारों को भी पुलिस की ज्यादती का शिकार होना पड़ा।

सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस के अत्याचार के कई वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस किस तरह महिला नेत्रियों के साथ अभद्रता की सीमा पार कर रही है। महिलाओं को सड़क पर फेंककर घसीटा गया।

एक अन्य वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ पुलिसकर्मी युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी का हाथ और पैर पकड़कर उठाए हुए हैं। और एक अन्य पुलिस बूट पहनकर पैरों से उन्हें मार रहा है। लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली यह घटनाएं यहीं नहीं रुकी, पुलिस ने पत्रकारों के साथ भी गाली गलौज किया।

इंडिया टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने इस घटना की तीखी आलोचना की है। बता दें कि पिछले तीन दिनों से ईडी के अधिकारी राहुल गांधी से पूछताछ कर रहे हैं। इस पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस ने सत्याग्रह शुरू किया है। बीते दो दिनों से दिल्ली पुलिस की कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें आ रही थीं। लेकिन बुधवार को यानी तीसरे दिन पुलिस की कार्रवाई ने भयावह रूप ले लिया।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि, 'मोदी सरकार की पिट्ठू दिल्ली पुलिस गुंडागर्दी की हर सीमा पार गई। भाजपा के इशारे पर पुलिस दरवाजे तोड़कर कांग्रेस मुख्यालय में घुसी और नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पीटा। अब लगता है कि प्रजांतत्र की हत्या हो चुकी है, संविधान को बुलडोजर के नीचे रौंद दिया गया है, केवल अत्याचार का शासन बचा है।'

सुरजेवाला ने आगे कहा कि, केंद्र सरकार हमारे सब्र का इम्तहान नहीं लें। किस हैसियत से पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय पर हमला बोला? वे कैसे कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर नेताओं और कार्यकर्ताओं को पीट सकते हैं? इसका जवाब दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार को देना पड़ेगा। इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी जान लें कि एक-एक अधिकारी का हिसाब होगा।' कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गिरफ्तारी के दौरान कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने कार्यालय के अंदर घुसकर लाठीचार्ज किया। ऐसा कभी नहीं होता कि राजनीतिक कार्यालय के अंदर घुसकर पुलिस लाठचार्ज करे, हम इसकी घोर भर्त्सना करते हैं। दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है इसलिए मोदी सरकार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने सभी राज्यों में राजभवन घेरने का ऐलान किया है।

उधर आज तीसरे दिन भी राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ जारी है। पूछताछ के करीब 25 घंटे से ज्यादा समय हो गए हैं। ईडी के सवाल मीडिया में भी लीक किए जा रहे हैं। पूछताछ की डिटेल मीडिया में आने पर कांग्रेस ने गृह मंत्री, वित्त मंत्री और कानून मंत्री को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि इन चैनलों ने अज्ञात स्रोतों के हवाले से दावे किए थे कि पूछताछ के दौरान राहुल गांधी जवाब देने से बच रहे हैं। नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी से पूछताछ की लीक इसलिए की गई है ताकि सरकार के अजेंडे को आगे बढ़ाया जा सके। जबकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी निर्देश है कि ऐसे मामलों में कोई जानकारी लीक होना कानून का उल्लंघन है, जिनकी जांच अभी चल रही हो।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी की ओर से भेजे गए इस नोटिस को राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने तैयार किया है। छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि, 'ED ऑफिस में कैमरा लगा दीजिए। सभी मीडिया हाउस को लिंक दे दीजिए। देश को भी तो पता चले कि ED के सवाल क्या हैं और राहुल गांधी जी के जवाब। कर पाएँगे आप?'