ड्रग्स तस्करी मामला: आंध्र प्रदेश के दंपति को किया गया गिरफ्तार, जून महीने में आई थी ड्रग्स की एक और खेप

चेन्नई में रहने वाले सुधाकर और उसकी पत्नी दुर्गा वैशाली को गिरफ्तार किया गया है, वैशाली आशी टेडिंग कंपनी की प्रोपराइटर है, जून महीने में भी इस कम्पनी ने अफगानिस्तान से ड्रग्स की एक खेप भारत मंगवाई थी

Updated: Sep 23, 2021, 11:35 AM IST

ड्रग्स तस्करी मामला: आंध्र प्रदेश के दंपति को किया गया गिरफ्तार, जून महीने में आई थी ड्रग्स की एक और खेप
Photo Courtesy: India Tv

नई दिल्ली। मुंद्रा बंदरगाह पर करीब 21 हजार करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्ती मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की हिरासत में आए आंध्र प्रदेश के एक दंपति से पता चला है कि इसी साल जून महीने में अफगानिस्तान से ही हेरोइन (ड्रग्स) की एक और खेप भारत आई थी। तस्करी के इस मामले में अब तक कुल आठ गिरफ्तारियां हुई हैं। जिसमें चार अफगानी नागरिक और एक उज़्बेकिस्तान का नागरिक शामिल है। 

चेन्नई के रहने वाले सुधाकर और उसकी पत्नी वैशाली इस समय DRI की कस्टडी में हैं। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि सुधाकर की पत्नी वैशाली आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित आशी ट्रेडिंग कम्पनी की प्रोपराइटर है।इसी कंपनी के जरिए भारत में ड्रग्स की यह खेप आई थी। अफगानिस्तान से चला यह मादक पदार्थ ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर लोड किया गया। जिसके बाद यह भारत आया। दस्तावेजों में ड्रग्स को सेमी प्रोसेस्ड टेल्क पत्थर दर्शाया गया था। 

डीआरआई ने इस पूरे मामले में मीडिया को बताया कि ड्रग्स का यह करार अफगानिस्तान से किया गया था जो कि ईरान के रास्ते भारत आया। डीआरआई ने कहा है कि उन्हें इस बात की आशंका है इस मामले के आरोपी एक बड़ी साजिश का महज़ हिस्सा भर हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सुधाकर ने डीआरआई को पूछताछ में बताया है कि आशी ट्रेडिंग कम्पनी पिछले साल अगस्त महीने में शुरू की गई थी, और ड्रग्स तस्करी का करार अफगानी कंपनी हसन हुसैन लिमिटेड से किया गया। इसके लिए उन्होंने कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधि अमित से संपर्क किया था। 

दरअसल हाल ही में डीआरआई के अधिकारियों ने सूचना मिलने पर मुंद्रा बंदरगाह पर छापा मारा था। इस दौरान डीआरआई को दो कंटेनरों में करीब तीन हजार किलो हेरोइन मिले थे। एक कंटेनर से करीब 1999.57 किलोग्राम और दूसरे से कंटेनर से 988.64 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती की गई।

यह अब तक के इतिहास में भारत में ड्रग्स की की गई सबसे बड़ी जब्ती है। बताया जा रहा है कि इस हेरोइन की प्रति किलो कीमत करीब पांच से सात करोड़ रुपए है। नोएडा के एक घर से भी हेरोइन और कोकेन जब्त की गई है। जिसके बाद अब तक कुल 3 हजार चार किलो ड्रग्स की जब्ती हो चुकी है।

ड्रग्स की जब्ती के बाद इस पूरे मामले की तहकीकात शुरू हुई। जिसमें एक के बाद एक खुलासे हुए हैं। तहकीकात के दौरान चेन्नई, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, दिल्ली, गांधीधाम और मांडवी में छापेमारी की गई। अब तक कुल आठ लोगों को तहकीकात के दौरान गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए विदेशों से कई एजेंसियां भारत आ सकती हैं। 

इस पूरे मामले में मोदी सरकार की चुप्पी का कांग्रेस विरोध कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मीडिया में बयान देते हुए कहा है कि भारत के युवाओं को नशे में धकलने के लिए इतनी बड़ी साजिश की जा रही है और मोदी सरकार चुप है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह बात सभी के जानकारी में है कि मुंद्रा एयरपोर्ट का स्वामित्व गौतम अडानी के पास है। पवन खेड़ा ने कहा कि अगर तस्करी का यह सारा खेल गुजरात के रास्ते हो रहा है, और उस राज्य के निवासी देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुप हैं।