कॉरपोरेट दफ्तरों तक पहुंची किसानों के प्रदर्शन की आंच, मुंबई में बांद्रा-कुर्ला पर अंबानी के दफ्तर तक मार्च

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को उद्योगपति मुकेश अंबानी के कॉरपोरेट दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया

Updated: Dec 23, 2020, 03:37 PM IST

कॉरपोरेट दफ्तरों तक पहुंची किसानों के प्रदर्शन की आंच,  मुंबई में बांद्रा-कुर्ला पर अंबानी के दफ्तर तक मार्च
Photo Courtesy: Jan chowk

मुंबई। केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के निशाने पर अब कॉरपोरेट घराने भी आ गए हैं। जिओ के बहिष्कार के बाद अब किसानों ने मुकेश अंबानी के कॉरपोरेट दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है। मंगलवार को हजारों किसानों ने मुंबई स्थित अंबानी के ऑफिस को चारों तरफ से घेरकर प्रदर्शन किया।

किसान संगठनों ने मुंबई के अंबेडकर पार्क से बांद्रा-कुर्ला स्थित अंबानी के दफ्तर तक मार्च निकाला। हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन ने किसानों को वहां तक पहुंचने से रोक दिया लेकिन किसान प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। अंबानी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि नए कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है, लिहाजा कॉरपोरेट अपना कदम पीछे कर ले और अंबानी सरकार को कहें कि उन्हें यह कानून नहीं चाहिए।

ब्रिटिश PM को भारत आने से रोकने की अपील करेंगे किसान

कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग मनवाने के लिए किसान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की तैयारी में भी हैं। इस संदर्भ में किसान संगठन ब्रिटेन के सांसदों को पत्र लिखकर आग्रह कर रहे हैं कि वे अपने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत आने से रोकें। किसान नेता कुलवंत संधू ने कहा कि हम ब्रिटेन के सांसदों को लिख रहे हैं कि जब तक केंद्र सरकार किसानों की बात नहीं मानती, तब तक PM बोरिस जॉनसन को भारत आने से रोकें। दूसरी तरफ किसानों की भूख हड़ताल भी जारी है। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर जहां-जहां प्रदर्शन चल रहा है, वहां रोज 11 किसान 24 घंटे के उपवास पर बैठ रहे हैं।

आज सरकार के प्रस्ताव पर जवाब भेज सकते हैं किसान

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को चलते हुए 28 दिन हो गए हैं। सरकार ने बातचीत के न्योते की जो चिट्ठी रविवार रात भेजी थी, उस पर किसान बीते 2 दिन में फैसला नहीं ले पाए हैं। किसान संगठन सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव को लेकर आई चिट्ठी का आज जवाब भेज सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि किसान संगठन सरकार से बात करने को तैयार हैं या नहीं। 

सरकार के प्रस्ताव पर मंगलवार को किसान संगठनों की हुई बैठक भी बेनतीजा रही। किसान संगठन प्रस्ताव को लेकर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके। जानकारी के मुताबिक, कुछ संगठन चाहते हैं कि सरकार से बातचीत आगे बढ़ाई जाए जबकि कुछ संगठन इसको लेकर तैयार नहीं हैं। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा ने यह तय किया की बुधवार को बैठक के दौरान इस दिशा में किसी निर्णय तक पहुंचा जाए।