महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की कथित 1000 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त, इनकम टैक्स की कार्रवाई

पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी का महाराष्ट्र सरकार पर दूसरा बड़ा हमला, पिछले महीने पवार के बेटे और बहनों की मालिकाना हक वाली कंपनियों के विरुद्ध कर चुकी है कार्रवाई

Updated: Nov 02, 2021, 04:08 PM IST

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की कथित 1000 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त, इनकम टैक्स की कार्रवाई
Photo Courtesy: India Today

मुंबई। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा महाराष्ट्र में मत्रियों को निशाना बनाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार देर रात पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ED द्वारा गिरफ्तारी के बाद आयकर विभाग के अफसरों ने आज सुबह से डिप्टी सीएम अजीत पवार से जुड़ी 1000 करोड़ की संपत्ति जब्त करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि कुल पांच संपत्तियां सीज की जा रही हैं, जिनकी अनुमानित मार्केट वैल्यू 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक है। 

आईटी विभाग काफी लंबे वक़्त से अजीत पावर को निशाने पर लेने की ताक में है। इससे पहले पिछले महीने ही विभाग ने दो रियल एस्टेट ग्रुप और पवार के कथित रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से 184 करोड़ रुपयों की संपत्ति की जानकारी मिली थी। उसके बाद 7 अक्टूबर को 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी हुई, जिनका कनेक्शन भी पवार के साथ बताया जा रहा था। उसी दौरान विभाग ने अजीत के बेटे पर पवार के मालिकाना हक वाली कंपनी अनंत मार्क्स प्राइवेट लिमिटेड और उनकी बहनों की मालिकाना हक़ वाली कंपनियों पर भी छापेमार कार्रवाई की थी।

जब्त की जा रही संपत्तियों का ब्यौरा:

1. जरंदेश्वर शुगर फैक्ट्री

मार्केट वैल्यूः करीब 600 करोड़ रुपये

2. साउथ दिल्ली में स्थित फ्लैट

मार्केट वैल्यूः करीब 20 करोड़ रुपये

3. पार्थ पवार का निर्मल ऑफिस

मार्केट वैल्यूः करीब 25 करोड़ रुपये

4. निलय नाम से गोवा में बना रिसॉर्ट

मार्केट वैल्यूः करीब 250 करोड़ रुपये

5. महाराष्ट्र की 27 अलग-अलग जगहों की जमीन

मार्केट वैल्यूः करीब 500 करोड़ रुपये

आपको बता दें कि इससे पहले ED ने सोमवार को अपने मुंबई कार्यालय में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से 12 घंटे से अधिक की पूछताछ की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कार लिया गया था। अब जिन पांच संपत्तियों को ज़ब्त किया जा रहा है उनका लिंक कथित तौर पर डिप्टी सीएम अजीत पवार से जुड़ा बताया जा रहा है। 

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अधिकारियों ने बताया था कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र पुलिस प्रतिष्ठान में 100 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत एवं वसूली मामले में की जा रही आपराधिक जांच के संबंध में धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत देशमुख के बयान दर्ज किए थे। गौरतलब हो कि रिश्वतखोरी के आरोपों के विवाद की वजह से देशमुख ने साल के शुरुआत में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संयुक्त निदेशक सत्यव्रत कुमार कुछ अन्य अधिकारियों के साथ रात नौ बजे एजेंसी के कार्यालय में पहुंचे थे जबकि देशमुख सुबह 11.40 बजे से ही अपने वकील के साथ वहां मौजूद थे।