1 अप्रैल से बढ़ा महंगाई का बोझ, प्रॉपर्टी, बिजली, टोल, गैस और बैंकिंग सेवाएं हुई महंगी
1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ आम लोगों पर महंगाई का बड़ा असर पड़ा है। गैस सिलेंडर, बिजली, टोल टैक्स, प्रॉपर्टी, गाड़ियां और बैंकिंग सेवाएं महंगी हो गई हैं।
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से आम लोगों के लिए महंगाई का झटका लेकर आई है। मध्य प्रदेश समेत देशभर में कई ऐसे बदलाव लागू हुए हैं जिनसे घर खरीदने से लेकर सफर, बिजली, बैंकिंग और रोजमर्रा के खर्च तक महंगे हो गए हैं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹218 तक की बढ़ोतरी, प्रॉपर्टी दरों में इजाफा, बिजली टैरिफ वृद्धि, टोल टैक्स में बढ़ोतरी और एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ने जैसे फैसलों का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ने वाला है।
मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर दिख रहा है। सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन दरों में औसतन 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू कर दी है। जिससे जमीन और मकान खरीदना महंगा हो गया है। रजिस्ट्री की लागत बढ़ने के साथ ही पक्के मकानों के निर्माण पर भी करीब 1000 रुपए प्रति वर्गमीटर का अतिरिक्त बोझ आएगा। प्रदेशभर के करीब 65 हजार लोकेशनों पर नई दरें लागू की गई हैं।
बिजली उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली है। नए टैरिफ के अनुसार, बिजली दरों में करीब 4.80 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। हालांकि, 100 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को आंशिक राहत दी गई है लेकिन अधिक खपत पर बिल में साफ बढ़ोतरी दिखेगी। उदाहरण के तौर पर 200 यूनिट खपत पर करीब 80 रुपए और 400 यूनिट पर 150 रुपए से ज्यादा का अतिरिक्त भार आएगा।
सफर भी अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इसके साथ ही टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल फास्टैग या डिजिटल माध्यम से ही भुगतान संभव होगा। फास्टैग के एनुअल पास की कीमत में भी 2.5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। जिससे सालाना पास अब 3075 रुपए का हो गया है।
रसोई और छोटे कारोबार पर भी असर पड़ा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 218 रुपए तक बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ेगी। इसका असर आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
बैंकिंग सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। एटीएम से मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा पार करने के बाद अब हर अतिरिक्त निकासी पर करीब 23 रुपए तक शुल्क देना होगा। इससे बार-बार नकदी निकालने वाले ग्राहकों का खर्च बढ़ेगा।
रेलवे यात्रियों के लिए भी नियम सख्त हुए हैं। अब ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। वहीं, 8 से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50 प्रतिशत और 24 से 72 घंटे पहले रद्द करने पर 25 प्रतिशत कटौती लागू होगी। हालांकि, यात्रियों को प्रस्थान से आधा घंटा पहले तक क्लास अपग्रेड कराने की सुविधा दी गई है।
शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत घरों और संस्थानों को कचरे को चार श्रेणियों गीला, सूखा, सैनिटरी और खतरनाक में अलग करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने पर नगर निगम सीधे जुर्माना लगा सकेगा। जबकि, बड़े संस्थानों को अपने स्तर पर कचरा निपटान करना होगा।
इसके अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी कीमतों में 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू हो गई है। जिन लोगों ने 31 मार्च तक बिलिंग नहीं करवाई उन्हें अब बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी। इसमें रजिस्ट्रेशन चार्ज भी शामिल हैं।
आयकर प्रणाली में भी बदलाव किए गए हैं। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया जाएगा। साथ ही डिजिटल माध्यम से टैक्स भुगतान और रिटर्न फाइलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।




