नौवीं पास ने ख़ुद को सेना में मेजर बताकर 17 महिलाओं को दिया शादी का झांसा, करोड़ों का चूना लगाया

शातिर जालसाज़ हैदराबाद में गिरफ्तार, फ़र्ज़ी आई कार्ड, प्रमाण पत्र और नक़ली पिस्तौल दिखाकर अपने आर्मी ऑफ़िसर होने का भरोसा दिलाता था

Updated: Nov 22, 2020, 03:43 PM IST

नौवीं पास ने ख़ुद को सेना में मेजर बताकर 17 महिलाओं को दिया शादी का झांसा, करोड़ों का चूना लगाया
Photo Courtesy: Daily Hunt

हैदराबाद। महज नौवीं पास शख्स ने न सिर्फ सेना में मेजर होने का दिखावा किया, बल्कि अपने सैनिक अफसर होने का भरोसा दिलाकर एक दो नहीं 17 परिवारों को शादी के नाम पर ठग लिया। साढ़े छह करोड़ रुपये से ज़्यादा की इस ठगी का ये चौंकाने वाला वाकया आंध्र प्रदेश में सामने आया है। आरोपी को आखिरकार शनिवार को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। 

स्थानीय पुलिस के मुताबिक आरोपी मुदावथ श्रीनू नाइक उर्फ ​​श्रीनिवास चौहान ने शादी के बहाने कथित तौर पर 17 महिलाओं और उनके परिवारों को धोखा दिया। इनके परिवारों से उसने 6.61 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। 42 साल का यह चालबाज़ ठग प्रकाशम जिले के मुंडलामुरु मंडल के केलामपल्ली गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने आरोपी के पास से तीन डमी पिस्तौल, आर्मी का एक फर्जी आईडी कार्ड, मास्टर डिग्री का फर्जी प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस ने उसकी तीन कारों को भी जब्त कर लिया है। उसके पास से पुलिस को 85,000 रुपये नकद भी मिले हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी सिर्फ नवीं पास है, लेकिन उसने पोस्ट ग्रेजुएट होने का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिया था। दरअसल आरोपी​ श्रीनिवास चौहान की शादी अमृता देवी से हुई थी, जिससे उसका एक बेटा भी है, जो इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। उसका परिवार आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में रहता है।

2014 में श्रीनिवास हैदराबाद आ गया और जवाहर नगर के सैनिकपुरी में रहने लगा। उसने अपने परिवार को बताया कि उसे भारतीय सेना में मेजर की नौकरी मिली है। परिवार के लोग श्रीनिवास की उस झूठ को नहीं पहचान सके और उसपर विश्वास कर लिया। स्थानीय पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अवैध रूप से श्रीनिवास चौहान के नाम पर एक आधार कार्ड भी बनवा लिया। उसमें उसकी जन्म तिथि 12 जुलाई 1979 के बजाय 27 अगस्त 1986 दर्ज है। 

ऐसे करता था ठगी 

पुलिस के मुताबिक आरोपी शादी सलाहकारों या अपने दोस्तों की मदद से दुल्हनों के बारे में जानकारी जुटाता था। इसके बाद वह आर्मी की फर्जी आईडी, फोटो और खिलौने वाली पिस्तौल के जरिए दुल्हन के परिवारवालों को यकीन दिलाता था कि वह सेना में मेजर है। लड़की वालों से बातचीत के दौरान वह बताता था कि उसने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे से स्नातक की पढ़ाई की है। वह यह भी कहता था कि भारतीय सेना के हैदराबाद रेंज में एक मेजर के रूप में उसे तैनात किया गया है।"

आरोपी श्रीनिवास लड़की वालों से शादी के नाम पर पैसे भी ऐंठता था। उन पैसों से उसने अपने लिए लक्जरी वस्तुओं के अलावा सैनिकपुरी में एक डुप्लेक्स और तीन कारें भी खरीदी। लेकिन शनिवार को उसके इन कारनामों का पर्दाफाश हो गया। पुलिस आयुक्त की उत्तरी क्षेत्र टास्क फोर्स ने उसे तब धर दबोचा जब वह अपनी कार से कहीं जा रहा था।