मथुरा के रिक्शा चालक को साढ़े तीन करोड़ का IT नोटिस, टर्न ओवर जानकर खुद के उड़े होश

साल 2018-19 में 43 करोड़ से ज्यादा था रिक्शा चालक का टर्न ओवर, बड़े फ्रॉड के चक्कर में फंसे प्रताप सिंह, पैन कार्ड का दुरुपयोग कर अज्ञात कारोबारियों ने किया बिजनेस

Updated: Oct 25, 2021, 12:38 PM IST

मथुरा के रिक्शा चालक को साढ़े तीन करोड़ का IT नोटिस, टर्न ओवर जानकर खुद के उड़े होश
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मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक रिक्शा चालक को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साढ़े तीन करोड़ का नोटिस भेजा है। रिक्शा चालक का साल 2018-19 में टर्नओवर साढ़े तीन करोड़ था। खास बात ये है कि खुद रिक्शा चालक को भी नहीं पता कि यह कैसे हो गया। दरअसल, अज्ञात लोगों ने उसके पैनकार्ड का दुरुपयोग कर करोडों रुपए का कारोबार किया था।

जानकारी के मुताबिक रिक्शा चालक प्रताप सिंह ने करीब ढाई साल पहले पैन कार्ड के लिए आवेदन किया था। चूंकि, बैंक वालों ने पैन कार्ड की आवश्यकता बताई थी इसलिए उन्होंने स्तानीय केंद्र में डिटेल्स देकर अप्लाई किया था। केंद्र संचालक ने एक महीने में कार्ड आने की बात कही थी। कई महीनों के बाद भी पैन कार्ड नहीं पहुंचने पर उन्होंने रिकॉर्ड खंगाला को पता चला कि कुरियर कंपनी ने संजय सिंह नामक एक साइबर कैफे संचालक को पैन कार्ड दिया है।

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रिक्शा चालक जब उक्त व्यक्ति के पास पहुंचे तो उन्हें कलर प्रिंटेड पैन कार्ड थमा दिया गया। प्रताप ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं इसलिए वे ओरिजिनल पैन कार्ड और कलर प्रिंट में फर्क नहीं कर पाए। इधर आरोपियों ने उनके पैन कार्ड से जीएसटी पंजीयन कराया और व्यवसाय शुरू कर दिया। पहले साल 2018-19 में ही करीब 43 करोड़ 44 लाख का कारोबार किया गया। 

उधर जीएसटी विभाग ने एमओयू के तहत आयकर विभाग के साथ प्रताप का डेटा शेयर किया। आयकर विभाग को पड़ताल में जानकारी मिली कि इस व्यवसाय का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं हुआ है। इसके बाद आयकर विभाग ने फरवरी 2020 से प्रताप को लगातार नोटिस भेजना शुरू किया जो संभवतः उन्हें नहीं मिली। आयकर विभाग ने हाल में एक नोटिस भेजा जो प्रताप तक पहुंची।

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आयकर नोटिस देखकर प्रताप के होश उड़ गए क्योंकि उसमें 3 करोड़ 47 लाख रुपए टैक्स भरने की बात कही गई थी। आयकर विभाग ने कुल टर्नओवर के 8 फीसदी के हिसाब से टैक्स लगाया था। प्रताप ने चूंकि एक साथ साढ़े तीन करोड़ रुपए अपने जीवन में देखा तक नहीं था ऐसे में इतना टैक्स भरना उनके लिए असंभव था। वे जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि टैक्स की रकम तो उन्हें हर हाल में जमा करना ही होगा।

रिक्शा चालक प्रताप यहां से सीधे हाइवे थाना पहुंचे और वहां उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नोटिस के बारे में जानकारी दी। यहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वे फ्रॉड के चपेट में फंस गए हैं। बहरहाल प्रताप के लिखित शिकायत के बाद पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। मथुरा में रिक्शा चालक को मिली साढ़े तीन करोड़ की आईटी नोटिस चर्चा का विषय बनी हुई है।