नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए, पेट्रोल पर VAT को लेकर PM के तंज पर CMs का पलटवार

तेलंगाना के सीएम केसीआर ने कहा कि राज्यों से कहने के स्थान पर केंद्र टैक्स में कटौती क्यों नहीं कर देता, बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पूरी तरह एकतरफा और गुमराह करने वाला भाषण दिया

Updated: Apr 28, 2022, 04:41 PM IST

नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए, पेट्रोल पर VAT को लेकर PM के तंज पर CMs का पलटवार

नई दिल्ली। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी की गैर बीजेपी शासित राज्यों से तेल पर वैट घटाने की अपील के बाद अब मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया सामने आई है। तेलंगाना सीएम केसीआर ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र खुद पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ाता है और राज्यों से उसे कम करने को कहता है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि राज्यों से वैट घटाने के लिए कहने पर प्रधानमंत्री को शर्म आनी चाहिए। राज्यों से कहने के स्थान पर केंद्र टैक्स में कटौती क्यों नहीं कर देता? केंद्र ने न सिर्फ टैक्स बढ़ाए हैं, वह सेस भी एकत्र करता है। अगर आपमें हिम्मत है, तो बताएं, टैक्स क्यों बढ़ाया गया? वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी से सिर्फ एकतरफा और गुमराह करने वाला भाषण दिया। उनके द्वारा पेश किए गए तथ्य गलत हैं।

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ममता बनर्जी ने कहा कि, 'बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्रियों के बोलने का कोई साधन नहीं था, इसलिए कोई प्रधानमंत्री की बातों का जवाब नहीं दे सका।  हम पिछले तीन साल से पेट्रोल और डीज़ल के प्रत्येक लीटर पर एक रुपये की सब्सिडी देते आ रहे हैं। हमने इस मद में 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए। केंद्र के पास हमारे 97 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं। इसमें से आधी रकम भी हमें मिल गई तो हम 3000 करोड़ का सब्सिडी दे देंगे।' उन्होंने पीएम मोदी द्वारा बीजेपी शासित राज्यों की तारीफ को लेकर कहा कि इन राज्यों को केंद्र से खासी सहायता मिलती है जबकि बंगाल को बकाया को काफी कम मदद दी जाती है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए राज्य सरकारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। इस पूरे मामले पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह जानना दिलचस्प होगा कि क्यों वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री को उसी दिन शर्मिन्दा किया, जिस दिन को उन्होंने राज्यों को लताड़ने के लिए चुना था। उन्होंने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीज़ल पर VAT दरों को नहीं घटाने के लिए राज्यों को लताड़ा, वित्त मंत्रालय ने उसी दिन बताया कि राज्यों का 78,704 करोड़ रुपया केंद्र सरकार पर बकाया है।

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दरअसल, पीएम मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान महंगाई पर चर्चा करते हुए कहा कि महंगाई कम करने के लिए हमने एक्ससाइज ड्यूटी घटाई थी, लेकिन कुछ राज्यों ने अभी भी पेट्रोल-डीजल पर एक्ससाइज ड्यूटी नहीं घटाई है। इस वजह से लोगों की जेब पर भार पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, 'महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, झारखंड, तमिलनाडु ने किसी न किसी कारण केंद्र की बातों को नहीं माना। नतीजतन उन राज्यों के नागरिकों पर बोझ पड़ता रहा। मेरी प्रार्थना है कि नंवबर में जो करना था, अब वैट कम करके आप नागरिकों को इसका लाभ पहुंचाएं।'