साइकिल गर्ल’ से प्रियंका गांधी वाड्रा ने की फोन पर बात, कहा- ज्योति की मदद के लिए कांग्रेस हमेशा तैयार

प्रियंका गांधी ने फोन पर वादा किया कि वे हर परिस्थिति में ज्योति के साथ हैं। प्रियंका गांधी ने ना सिर्फ बात की बल्कि उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाने के लिए भी कहा है। ज्योति को दिल्ली ले जाकर प्रियंका गांधी से मुलाकात करवाई जाएगी।

Updated: Jun 04, 2021, 12:19 PM IST

साइकिल गर्ल’ से प्रियंका गांधी वाड्रा ने की फोन पर बात, कहा- ज्योति की मदद के लिए कांग्रेस हमेशा तैयार
Photo courtesy: news18

दरभंगा। पिछले साल कोरोन की वजह से  लॉकडाउन लगने के बाद पिता को सायकिल में बैठा कर गुंडगांव से दरभंगा तक का सफर सायकिल चला कर तय किया था। उनके इस साहसी काम के बाद देश ही नही बल्कि विदेशों में भी जमकर चर्चा हुई थी। साइकिल गर्ल के नाम से मशहूर ज्योति पासवान के पिता की मौत हो गई। मौत  की खबर सुनकर  कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने फोन पर ज्योति पासवान से बात की। उसे ढांढस बंधाया और अचानक हुई मौत के बारे में पूरी जानकारी भी ली। इसके अलावा ज्योति की पढ़ाई के सारे खर्च उठाने की बात भी कही।


प्रियंका गांधी ने भी वादा किया कि हर परिस्थिति में वे ज्योति साथ हैं। वे किसी भी समय कांग्रेस के लोगों से मदद ले सकती हैं। ज्योति ने प्रियंका वाड्रा से बात करते हुए पिता की मृत्यु के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बात करते वक्त कुछ नहीं मांगा बल्कि उनसे मिलने की बात कही। प्रियंका ने भी अपनी सहमति जताते हुए कोरोना खत्म होने पर दिल्ली में मुलाकात करने का आश्वासन दिया।


इस मौके पर ज्योति के घर पहुचे कांग्रेस नेता डॉक्टर मशकूर अहमद उस्मानी ने प्रियंका गांधी के द्वारा भेजे गए संवेदना पत्र को ज्योति पासवान को भेंट किया। इसके अलावा सभी को मास्क के साथ सैनिटाइजर और कुछ दवा भी अपनी तरफ से दी। मशकूर अहमद उस्मानी ने बताया कि खुद प्रियंका गांधी ने ज्योति से बात की और उन्होंने जो अपना संवेदना पत्र भेजा उसे उन्होंने ज्योति को दिया।

उन्होंने बताया कि ज्योति से खुद प्रियंका गांधी ने ना सिर्फ बात की बल्कि उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाने के लिए भी कहा है। इसके अलावा कभी ज्योति को जरूरत हो तो पूरी पार्टी मदद को तैयार है। कोरोना काल समाप्त होते ही ज्योति को दिल्ली ले जाकर प्रियंका गांधी से मुलाकात करवाई जाएगी।

बता दें कि 2020 में कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन लगने के बाद ज्योति अपने बीमार पिता मोहन पासवान को साइकिल पर पीछे बिठा कर 1200 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपने गांव पहुंची थी। इस दौरान आठ दिन तक लगातार साइकिल चलाई थी। साइकिल गर्ल के नाम से मशहूर ज्योति को देश विदेश में काफी सराहना मिली थी। उन्हें इसी साल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है।