सेंसलेस, होपलेस और इडियट है शिवराज के नाम का मतलब, राहुल गांधी पर बयानबाज़ी के बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने घेरा

शिवराज सिंह चौहान ने असम में अपनी एक रैली के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को रिजेक्टेड, अपसेट माइंड, होपलेस इत्यादि की संज्ञा दी, इस पर मध्यप्रेश में ही एक नेता ने शिवराज को उनके ही नाम का मतलब बता डाला

Updated: Mar 25, 2021, 07:55 PM IST

सेंसलेस, होपलेस और इडियट है शिवराज के नाम का मतलब, राहुल गांधी पर बयानबाज़ी के बाद कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने घेरा
Photo Courtesy : The Financial Express

नई दिल्ली/गुवाहाटी। असम में एक रैली में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विवादस्पद और अशोभनीय बयानबाज़ी भारी पड़ गई है। शिवराज के बयान पर उनके गृह राज्य मध्यप्रदेश के ही एक नेता ने खिल्ली उड़ा दी है। शिवराज ने राहुल का नामकरण किया तो कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी शिवराज को सेंसलेस बता दिया।  

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केके मिश्रा ने शिवराज के नाम का मतलब बताते हुए कहा शिवराज के नाम का मतलब सेंसलेस (S), होपलेस (H), इडियट (I), वायरस (V), रिजिड (R), अड़ियल (A) और जोकर (J) करार दे दिया। केके मिश्रा ने अपने ट्विटर हैन्डल पर शिवराज के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'राहुल गांधी के नाम के हिज्जों का मजाक बनाने वाले शिवराज जी ये भूल गए कि इंग्लिश में उनके नाम के भी मतलब हैं-
S-Senseless(अपनी बात के प्रति अगंभीर)
H-Hopeless(जिससे कोई उम्मीद नहीं)
I-Idiot (मूर्ख)
V-Virus(संक्रामक बीमारी)
R-Rigid(अड़ियल)
A-Absent Minded(भुल्लकड़)
J-Joker(कार्टून)  

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दरअसल शिवराज ने अपनी रैली के दौरान राहुल को रिजेक्टेड, अपसेट माइंड, होपलेस, यूज़लेस और लायर कहा था। शिवराज की ही तरह बीजेपी के तमाम नेता चुनावी राज्यों में विवादित बयान देते नज़र आ रहे हैं। शिवराज की ही पार्टी की बंगाल इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बरमूडा शॉर्ट्स पहनने की सलाह दे डाली। हालांकि एक ज़माने में शिवराज अपने सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते थे। नरेंद्र मोदी के बीजेपी को हाईजैक करने से पहले तक शिवराज को अटल बिहारी स्कूल ऑफ़ पॉलिटिक्स का विद्यार्थी माना जाता था। 

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लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद और विशेषकर पिछले वर्ष मध्यप्रदेश में पिछले दरवाज़े से मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही शिवराज की शैली एकदम बदल सी गई है। अब शिवराज भी बीजेपी के बाकी नेताओं की तरह कुछ भी बोलने में विश्वास रखते हैं। शिवराज को लंबे अरसे तक कवर करने वाले पत्रकारों का कहना है कि शिवराज में ये बदलाव बीजेपी में उनके वजूद की लड़ाई शुरू होने की वजह से आया है।