हेट स्पीच देने वाले आरोपी गिरफ्तार क्यों नहीं हुए, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को थमाया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई अब दस दिन के बाद करेगा, याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपील सिब्बल ने अलीगढ़ में 23 जनवरी को होने वाले धर्म संसद पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपनी तरफ से रोक लगाने से इनकार कर दिया, कोर्ट ने कपल सिब्बल को इस सिलसिले में राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपने की हिदायत दी

Publish: Jan 12, 2022, 03:24 PM IST

हेट स्पीच देने वाले आरोपी गिरफ्तार क्यों नहीं हुए, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को थमाया नोटिस

नई दिल्ली। धर्म संसद में मुस्लिमों के नरसंहार मामले के सिलसिले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में उत्तराखंड सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अब तक इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गयी है? सुप्रीम कोर्ट अब दस दिन बाद इस मामले की सुनवाई करेगा। 

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि ऐसी घटना इससे पहले कभी देखने को नहीं मिली जब सार्वजनिक तौर पर एक समुदाय विशेष के संहार का आह्वान किया गया। कपिल सिब्बल ने कहा कि यह पूर्ण रूप से कानून का उल्लंघन है। कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि कई जगहों पर इस तरह के धर्म संसदों का आयोजन किया गया है। 23 जनवरी को अलीगढ़ में भी धर्म संसद का आयोजन किया जाना है। 

वरिष्ठ अधिवक्ता ने सीजेआई रमन्ना की अध्यक्षता वाली बेंत को बताया कि अगर अदालत जल्द ही कोई कठोर कदम नहीं उठाती है तो कुरुक्षेत्र, ऊना, डसना और अलीगढ़ जैसी जगहों पर भी धर्म संसदों का आयोजन किया जायेगा। यह सभी ऐसी जगह हैं, जहाँ आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं। इनके आयोजन से न सिर्फ चुनावी राज्यों बल्कि पूरे देश में माहौल खराब होगा। 

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इसके बाद कपिल सिब्बल ने 23 जनवरी को अलीगढ़ में आयोजित होने वाले धर्म संसद पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि कोर्ट ने धर्म संसद पर अपनी तरफ से रोक लगाने से इनकार कर दिया। लेकिन कोर्ट ने अधिवक्ता को इस संबंध में राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपने की हिदायत दी। 

सीजेआई रमन्ना की बेंच ने कहा कि हेट स्पीच से संबंधित अन्य मामले भी दूसरी बेंच के सामने लंबित हैं, इसलिये हमें यह देखना होगा कि यह बेंच इस मामले पर सुनवाई कर सकती है या नहीं। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट को बताया कि दूसरी बेंच के सामने लंबित मामले हेट स्पीच के मामले से अलग हैं। इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट को बताया कि दूसरी बेंच के सामने लंबित मामलों गौ तस्करी के आरोप में हो रही हिंसा और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुपालन से जुड़ा है। ऐसे में यह हेट स्पीच से जुड़ा हुआ नहीं है। 

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इससे पहले कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से हेट स्पीच मामले की सुनवाई की मांग की थी। जिस पर सुनवाई के लिये कोर्ट ने हामी भर दी थी। कपिल सिब्बल ने आज सुनवाई के लिये अगली तारीख सोमवार की देने के लिये कहा था। जिस पर कोर्ट ने कहा कि सोमवार को सुनवाई करना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट अब दस दिन बाद इस मामले की एक बार फिर सुनवाई करेगा।