उत्तराखंड के बीजेपी अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने पर मचा बवाल

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को बागेश्वर के डिग्री कॉलेज के हेलीपैड पर उतरने के बाद बाक़ायदा गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया, एसपी ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का किया एलान

Updated: Mar 22, 2021, 07:17 PM IST

उत्तराखंड के बीजेपी अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने पर मचा बवाल
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देहरादून/बागेश्वर। उत्तराखंड की सियासत आज कल अजीबोगरीब घटनाों और बयानबाज़ियों के कारण लगातार चर्चा में है। नए नवेले मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बाद अब उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बीजेपी की किरकिरी कर दी है। बागेश्वर में आज उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दे दिया गया, जिसके बाद राज्य से लेकर देश भर की सियासत में बवाल मचा हुआ है। 

उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक आज बागेश्वर के डिग्री कॉलेज पहुंचे। कौशिक जब डिग्री कॉलेज में बने हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर से उतरे, तो वहां उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर देने का पूरा इंतज़ाम किया गया था। हेलिकॉप्टर से उतरते ही गार्ड ऑफ ऑनर शुरू हो गया और मदन कौशिक ने भी बड़े शौक से सलामी ले ली। लेकिन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिए जाने की खबर फैलते ही इसकी आलोचना होने लगी। विपक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फर्सवाण ने कहा है कि प्रदेश के नौकरशाह पूरी तरह से मनमानी पर उतर आए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाना नौकरशाहों की इसी मनमानी का उदाहरण है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आखिर यह सब किसके इशारे पर हुआ इसकी जांच होनी चाहिए। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा है कि राज्य के अधिकारी बीजेपी के दबाव में काम कर रहे हैं। जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष  को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जा रहा है, तब सभी पार्टी अध्यक्षों को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाना चाहिए। 

बागेश्वर के एसपी अमित श्रीवास्तव ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। एसपी के मुताबिक़ आरआई आज छुट्टी पर थे। लिहाज़ा पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ़ ऑनर देने वाले प्रभारी आरआई हैं। एसपी के मुताबिक इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बैठा दी गई। 

इस मामले में चौतरफा आरोपों में घिर गई बीजेपी ने इस घटनाक्रम को लेकर अपने नेता का बचाव किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि चूँकि मदन कौशिक कई वर्षों तक मंत्री रहे हैं, इस वजह से भूल वश उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दे दिया गया है।