उत्तराखंड चुनाव: BJP से इस्तीफा नहीं देंगे हरक सिंह रावत, 20 करोड़ के मेडिकल कॉलेज पर हुई डील

शुक्रवार देर रात आई थी उत्तराखंड बीजेपी में अंतर्कलह की खबर, दिग्गज नेता हरक सिंह रावत छोड़ने वाले थे पार्टी, हाईकमान के दखल के बाद हुई नाराजगी दूर, क्षेत्र के लिए 10-20 करोड़ की राशि, मिलने के आश्वासन पर माने

Updated: Dec 25, 2021, 11:44 AM IST

उत्तराखंड चुनाव: BJP से इस्तीफा नहीं देंगे हरक सिंह रावत, 20 करोड़ के मेडिकल कॉलेज पर हुई डील

देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। कांग्रेस के बाद अब सत्तारूढ़ बीजेपी की अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। दरअसल, शुक्रवार को दिग्गज नेता व मंत्री हरक सिंह रावत इतने नाराज हो गए थे कि उन्होंने इस्तीफ़ा देने का मन बना लिया। हालांकि, बाद में हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद वे 10-20 करोड़ की अनुदान राशि पर मान गए हैं।

दरअसल, कल देर रात खबर आई थी कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद उनके समर्थक विधायक उमेश शर्मा काऊ के भी भाजपा छोड़ने की खबर आई। अब जानकारी मिली है कि देर रात तक चले मान-मनौवल के बाद उनकी नाराजगी दूर हो गई है। उन्हें मनाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 से 20 करोड़ अनुदान राशि देने का भी वादा किया है।

यह भी पढ़ें: सनी लियोन के डांस पर विवाद, मथुरा के पुजारियों को एतराज़

सीएम धामी ने मीडिया को बताया कि, 'पौढी ज़िले के कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए 10 से 20 करोड़ रुपए अनुदान राशि जारी करने का फ़ैसला भी कर लिया गया है, और हरक सिंह रावत की नाराज़गी दूर कर ली गयी है।' दरअसल, त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय हरक सिंह को आश्वासन दिया गया था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।

लेकिन एक ज़िले में एक ही मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान है और पौढी ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज पहले से था। ऐसे में कोटद्वार में दूसरा मेडिकल कॉलेज खोलने पर राज्य सरकार को दिक़्क़त होती। इसी बात पर शुक्रवार को हरक सिंह गुस्सा हो गए और कैबिनेट बैठक सेवये कहते हुए बाहर निकल गए कि वो इस्तीफा दे रहे हैं। इसके बाद हरक सिंह के करीबी और देहरादून की रायपुर विधानसभा सीट से विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी इस्तीफा दे दिया था। 

यह भी पढ़ें: CJI बनने के बाद पहली बार अपने गांव पहुंचे एनवी रमना, बैलगाड़ी पर हुए सवार, ग्रामीणों ने बरसाए फूल

एक के बाद एक दो बड़े नेताओं के इस्तीफे को BJP के लिए एक बड़ा नुकसान था, लिहाजा शीर्ष नेतृत्व डैमेज कंट्रोल के लिए सक्रिय हुआ और सीएम धामी को कहा गया कि वे हरक सिंह की सभी शर्तों को मंजूर करें। इसके बाद सीएम धामी ने हरक सिंह ने बातचीत कर उन्हें मेडिकल कॉलेज खुलवाने का आश्वासन दिया। बता दें कि हरक सिंह ने 2016 में राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से पाला बदलकर BJP जॉइन की थी।