अमित शाह चाहते हैं नेपाल, श्रीलंका में भी बीजेपी की सरकार हो, ये क्या बोल गए त्रिपुरा के भाजपाई मुख्यमंत्री

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने किया खुलासा, 2018 में अमित शाह ने बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर कहा था कि हमें श्रीलंका और नेपाल में भी बीजेपी का विस्तार करके वहाँ भी जीत हासिल करनी है

Updated: Feb 15, 2021, 02:03 PM IST

अमित शाह चाहते हैं नेपाल, श्रीलंका में भी बीजेपी की सरकार हो, ये क्या बोल गए त्रिपुरा के भाजपाई मुख्यमंत्री
Photo Courtesy: Samachar Nama

नई दिल्ली। त्रिपुरा के भाजपाई मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसका असर पड़ोसी देशों के साथ भारत के आपसी रिश्तों पर भी पड़ सकता है। बिप्लब देब ने खुलासा किया है कि गृह मंत्री अमित शाह भारत के पड़ोसी देशों श्रीलंका और नेपाल में भी बीजेपी का विस्तार करके वहां अपनी सरकार बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह चौंकाने वाला खुलासा हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से दिए भाषण में किया है। 

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा है कि 2018 में हुई एक बैठक के दौरान बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि वे सिर्फ भारत के सभी राज्यों में बीजेपी की सरकारें बनाने से ही संतुष्ट नहीं होने वाले। उनकी योजना तो श्रीलंका और नेपाल में भी अपनी पार्टी का विस्तार करके वहां भी जीत हासिल करने की है।

बिप्लब देब के मुताबिक जब गृह मंत्री अमित शाह पार्टी के चीफ थे, तब उन्होंने त्रिपुरा का दौरा किया था। उस समय पार्टी के तमाम लोग बैठकर बातें कर रहे थे। इस दौरान हमने कहा कि अब तो कई राज्यों में बीजेपी का राज है। इस पर अमित शाह ने कहा कि श्रीलंका और नेपाल तो अब भी बचे हुए हैं। अमित शाह ने कहा कि हमें पार्टी को श्रीलंका और नेपाल तक ले जाना है। हमें वहां भी जीत दर्ज करनी है। 

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बिप्लब देब के इस बयान पर हैरानी जताते हुए कहा है कि विदेश मंत्रालय को इस मामले में स्थिति साफ करनी चाहिए। राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर बिप्लब देब का भाषण शेयर करते हुए लिखा है, "मैं जानना चाहती हूं कि विदेश मंत्रालय ऐसे हास्यास्पद बयान के बारे में क्या सोचता है, क्योंकि यह बयान बीजेपी के किसी मामूली सदस्य ने नहीं, बल्कि ऐसे शख्स ने दिया है जिसे त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया गया है।

 

देश में सरकार चला रही पार्टी के एक मुख्यमंत्री का यह दावा वाकई हैरान करने वाला है। इस मामले में विदेश मंत्रालय के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह को भी आगे बढ़कर स्थिति साफ करनी चाहिए, ताकि ऐसे बेतुके बयानों का असर पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों पर न पड़े। त्रिपुरा में कांग्रेस और लेफ्ट के नेताओं ने भी बिप्लब देब के बयानों की जांच किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मुख्यमंत्री का बयान सही है तो इससे बीजेपी की खतरनाक मानसिकता का पता चलता है।