हाथ जोड़ता हूं, कांग्रेस पार्टी के साथ कभी काम नहीं करूंगा, ऐसी पार्टी है जो मुझे डुबो देगी: प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के हाजीपुर में कहा कि कांग्रेस पार्टी की वजह से उनका चुनाव जीतने का ट्रैक रेकॉर्ड खराब हुआ है, इसलिए उन्होंने फैसला लिया है कि वह उस पार्टी के साथ कभी भी काम नहीं करेंगे

Updated: May 31, 2022, 11:38 AM IST

हाथ जोड़ता हूं, कांग्रेस पार्टी के साथ कभी काम नहीं करूंगा, ऐसी पार्टी है जो मुझे डुबो देगी: प्रशांत किशोर

हाजीपुर। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। कांग्रेस ज्वाइन करने का इच्छा रखने वाले प्रशांत किशोर ने कहा है कि अब वे कभी कांग्रेस के साथ काम नहीं करेंगे। पीके ने सोमवार को बिहार के हाजीपुर में कहा कि इस पार्टी की वजह से उनका चुनाव जीतने का ट्रैक रेकॉर्ड खराब हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है की कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो मुझे भी डुबो देती।

कांग्रेस के साथ काम करने के सवाल पर उन्होंने सीधे हाथ जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मैं हाथ जोड़ता हूं लेकिन कभी इस पार्टी के साथ काम नहीं करूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो खुद सुधरती नहीं है और हमको भी डुबो देगी। वैसे कांग्रेस के प्रति मेरा बहुत सम्मान है। लेकिन मौजूदा हालत में कांग्रेस की यही हालत है।'

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प्रशांत किशोर ने आगे कहा की, 'साल 2011 से 2021 के बीच 11 चुनाव से जुड़ा रहा, जिसमें एक ही चुनाव हारे। वह उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव है, जिसमें मैं कांग्रेस के साथ था। तभी से तय कर लिया कि इन लोगों के साथ कभी काम नहीं करेंगे। इन लोगों ने मेरा ट्रैक रेकॉर्ड खराब कर दिया है। हालांकि हारने से भी बहुत कुछ सीखने को मिला।'

पीके ने आगे कहा कि, 'पश्चिम बंगाल में एक तरह से बीजेपी से शर्त लग गई थी। हमने कहा था कि बीजेपी ना केवल हारेगी बल्कि 100 के नीचे रोक देंगे। नहीं रोक पाए तो काम छोड़ देंगे। चुनाव परिणाम आया तो 77 पर बीजेपी को रोक दिए। भगवान का आशीर्वाद है। जब मेरी बात सही हो गई तो सोचा कि इस फिल्ड में बहुत हो गया, अब कुछ नया करते हैं।'

बता दें कि हाल ही में पीके ने कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर बदलाव और नई रणनीति को लेकर कई प्रेजेंटेशन दिए थे। पीके कांग्रेस ज्वाइन भी करना चाहते थे, लेकिन उनकी महत्वकांक्षा को देखते हुए पार्टी ने उनसे किनारा कर लिया। अब वे बिहार आ गए हैं और वहां उन्होंने जनसुराजा अभियान की शुरुआत की है।