यूनिस्को की संभावित लिस्ट में जगह पाने वाले भारत के 6 स्थान अपने आप में हैं खास

बनारस के गंगा घाट और नर्मदा के भेड़ाघाट समेत कांचीपुरम के मंदिर को भी यूनिस्को ने धरोहर स्थलों की संभावित हिस्ट में दिया है स्थान, एतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर हैं ये सभी स्थान

Updated: May 21, 2021, 12:36 PM IST

यूनिस्को की संभावित लिस्ट में जगह पाने वाले भारत के 6 स्थान अपने आप में हैं खास
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भारत में एक से बढ़कर एक ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर दर्शनीय स्थल हैं, जिन्हें देखने ना सिर्फ भारत बल्की दुनिया भर के लोग आते हैं। ये स्थान खूबसूरत और अद्भुत हैं, अब इन्हें विश्व विरासत स्थल में भी स्थान मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। हाल ही में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी लिस्ट जारी की गई है, जिसमें भारत के 6 स्थानों को शामिल किया गया है।

इस लिस्ट मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और जबलपुर के नर्मदा घाट स्थित भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट को भी स्थान मिला है। वहीं उत्तरप्रदेश के वाराणसी शहर को गंगा किनारे बसा पौराणिक शहर वाराणसी भी शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र की मराठा सैन्य वास्तुकला, वाराणसी का गंगाघाट रिवरफ्रंट, हायर बेंकल, मेगालिथिक साइटके साथ-साथ कांचीपुरम के मंदिरों को भी लिस्टेड किया गया है।

भेड़ाघाट

जबलपुर के नजदीक स्थित भेड़ाघाट खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां धुआंधार जलप्रपात, भेड़ाघाट का खास आकर्षण है। नर्मदा के दोनों घाटों संगमरमर की सौ फीट ऊंची चट्टानें भेड़ाघाट की खासियत हैं। यह जबलपुर से 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां संगमरमर चट्टानों की रोशनी में भेड़ाघाट की खूबसूरती बढ़ जाती है। यहीं पर धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा का पानी एक बड़े झरने के रूप में गिरता है।  

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद ज़िले में सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। जो कि 524 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है। इसकी स्थापना 1981 में हुई थी, इस नेशनल पार्क में जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास में रहते हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पेड़ों की तेरह सौ से ज्यादा प्रजातियां हैं  सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान के बफर-ज़ोन जोन में टाइगर, चीतल, नील गया, बारहसिंघा, हाथी समेत मेमल्स की लगभग 50 प्रजातियां, पक्षियों की 254 प्रजातियां, सरीसृपों की 30 प्रजातियां, तितलियों की 50 प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इस जगह पर 1500 से 10,000 साल पुरानी पेंटिंग के साथ 50 से अधिक रॉक शेल्टर हैं।वैसे तो मढ़ई बाघों के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां पक्षियों की संख्या भी कम नहीं है, यहां हाल ही में संपन्न हुए बर्ड्स के सर्वे में करीब 270 प्रजातियों के पक्षियों के होने के प्रमाण मिले हैं।

 

वाराणसी के गंगा घाट

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित गंगा नदी के तटों को यूनेस्को में लिस्टेड करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब प्रयास सफल हुआ है। वाराणसी का रिवरफ्रंट खासतौर से सांस्कृति और परंपरा से भरपूर हैं। यहां गंगा नदी का किनारा, घाट और वहां की परंपरा अपने आप में अनूठी है। गंगा नदी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आधार भी खास महत्व रखती है।

हायर बेनकल

कर्नाटक स्थित हायर बेनकल के 2,800 साल पुराने महापाषाण स्थल को भी इस लिस्ट में स्थान मिला है। यह सबसे बड़ी प्रागैतिहासिक महापाषाण बस्तियों में से एक मानी जाती है। यहां पर कई स्मारक आज भी विद्यमान हैं। यहां ग्रेनाइट के ताबूतों वाले स्मारक हैं।  

मराठा शिल्पकला

महाराष्ट्र में 17वीं शताब्दी के मराठा राजा छत्रपति शिवाजी के समय के 12 किले हैं। इन्हें भी यूनिस्को ने अपनी लिस्ट में स्थान दिया है। शिवाजी का जन्मस्थान शिवनेरी, रायगढ़ जहां मराठा राजा का राज्याभिषेक हुआ था। तोरणा जिसे मराठा साम्राज्य का पहला किला माना जाता है। वहीं राजगढ़, साल्हेर-मुल्हेर, पन्हाला, प्रतापगढ़, लोहागढ़, सिंधुदुर्ग, पद्मदुर्ग  विजयदुर्ग और कोलाबा भी शामिल हैं। ये सभी पुरातत्व महत्व के हैं। इन्हें महाराष्ट्र में मराठा सैन्य वास्तुकला का नमूना माना जाता है।    

कांचीपुरम के मंदिर

तमिलनाडु में कांचीपुरम के मंदिर अध्यात्म, शांति का प्रतीक हैं। इन प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला अद्भुत है। ये मंदिर वेगावती नदी के तट पर स्थित हैं। इस ऐतिहासिक कांचीपुरम शहर में कभी एक हजार मंदिर हुआ करते थे, जिनमें से अब केवल 126 मंदिर बचे हैं, जिनमें से 108 शैव और 18 वैष्णव हैं। इसे पल्लव राजवंश ने 6 वीं और 7 वीं शताब्दी के बीच अपनी राजधानी बनाया। ये मंदिर द्रविड़ शैलियों का एक अच्छा उदाहरण हैं।

 गौरतलब है कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की तरफ से एएसआई ने यूनेस्को विश्व धरोहर के लिए 9 स्थानों के नाम भेजे थे। उसमें से 6 जगहों को संभावित लिस्ट में शामिल किया गया है। इन स्थानों को यूनिस्को की संभावित लिस्ट में शामिल होने पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गौरव बताया है।  

बतादें कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा शहरों को यूनेस्को के विश्व धरोहर शहरों की सूची में 2020 में शामिल किया जा चुका है। वहीं गुजरात के अहमदाबाद को यूनेस्को की विश्व हेरिटेज सिटी घोषित की गई थी।