पैरालिंपिक्स में MP की बेटी से बढ़ी देश की उम्मीदें, कैनोइंग स्प्रिंट सेमीफाइनल में पहुंची प्राची यादव

कैनोइंग स्प्रिंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं प्राची, जापान और कोरिया को पीछे छोड़ सेमीफाइनल में बनाई जगह, ग्वालियर की बेटी से पूरे देश को उम्मीद

Updated: Sep 02, 2021, 11:54 AM IST

पैरालिंपिक्स में MP की बेटी से बढ़ी देश की उम्मीदें, कैनोइंग स्प्रिंट सेमीफाइनल में पहुंची प्राची यादव

टोक्यो। टोक्यो पैरालिंपिक्स से मध्य प्रदेश के लिए खुशखबरी आई है। मध्य प्रदेश की बेटी प्राची यादव ने कैनोइंग स्प्रिंट में सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुईं हैं। प्राची ने जापान और कोरिया के खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए चौथे स्थान पर फिनिश किया है। इसी के साथ प्राची से पूरे देश को पदक की उम्मीदें बढ़ गयी है।

ग्वालियर के बहोड़ापुर में जन्मी प्राची यादव ने आज कैनोइंग इवेंट में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। उनके कोच मयंक ठाकुर ने बताया कि सेमीफाइनल व फाइनल में प्राची के लिए मुकाबला थोडा आसान होगा। शुक्रवार को वे सेमीफाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। बता दें कि प्राची यादव पैरा कैनोइंग स्प्रिंट खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। वह पिछले चार साल से राजधानी भोपाल स्थित छोटे तालाब में कोच मयंक ठाकुर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं।

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सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद प्राची ने कहा कि देश के लिए खेलना हर एथलीट का सपना होता है। सेमीफाइनल में पहुंचकर अच्छा लगा लेकिन अब असली मुकाबला शुरू होगा। उन्होंने उम्मीद जताया है कि वे देश के लिए पदक लेकर आएंगी। बता दें कि प्राची ने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए टोक्यो में देश का झंडा गाड़ने पहुंची हैं। उनका सफर बेहद मुश्किल रहा है। प्राची के मुताबिक उनके  रिश्तेदार उनके परिजनों को ताने मारते थे।

प्राची यादव जन्म से ही दिव्यांग हैं और उनके दोनों पैर खराब हैं। साल 2003 में जब प्राची आठ साल की थी तब उनकी मां ने कैंसर से लड़ते हुए दम तोड़ दिया। हालांकि, पिता के सपोर्ट के कारण वह हिम्मत नहीं हारीं और मेहनत करती रहीं। साल 2019 में प्राची ने नेशनल गेम्स में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। इसी साल हंगरी में आयोजित हुए पैरालिंपिक्स के क्वालिफाइंग गेम्स में भी हिस्सा लिया और यहां वह आठवें स्थान पर रहीं। उनके मेहनत का ही नतीजा है कि आज वे देश को मेडल दिलाने के मुहाने पर खड़ी हैं।