छत्तीसगढ़: ईद के लिए गाइडलाइन जारी, सामूहिक नमाज पर रोक, मस्जिद में केवल 5 लोग पढ़ेंगे नमाज

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने ईद को लेकर जारी की गाइडलाइन, लोगों को घरों में नमाज अदा करनी होगी, मस्जिदों में केवल 5 लोगों को होगी नमाज पढ़ने की परमीशन, ईद पर भी करना होगा लॉकडाउन के नियमों का पालन

Updated: May 11, 2021, 04:51 PM IST

छत्तीसगढ़: ईद के लिए गाइडलाइन जारी, सामूहिक नमाज पर रोक, मस्जिद में केवल 5 लोग पढ़ेंगे नमाज
Photo courtesy: Wikipedia

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन लगा हुआ है। ईद पर भी लॉकडाउन का पालन किया जाना है। जिसे लेकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने गाइडलाइन जारी कर दी है। ईद के मौके पर भी कोरोना गाइडलाइन में छूट नहीं मिलेगी। इन दिशानिर्देशों के अनुसार केवल 5 लोग ही नमाज के लिए दरगाह या मस्जिद में शामिल हो सकेंगे। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोरोना लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने घरों पर ही नमाज अदा करें। किसी भी दरगाह, मस्जिद या कब्रिस्तान में अनावश्यक भीड़ ना करें, नहीं तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।

गौरतलब है कि ईद के त्योहार के मद्देनजर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एनआर साहू ने मुस्लिम समाज प्रमुखों की एक बैठक ली थी। जिसमें समाज प्रमुखों को ईद के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस, प्रशासन के आला अफसरों समेत मुस्लिम समाज प्रमुख लोग मौजूद थे। इस बैठत में मुस्लिम समाज के प्रमुखों ने सर्व सहमति से कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि ईद के मौके पर भी शासन और जिला प्रशासन की गाइडलाइन का पालन होगा।  

जिसके बाद छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके अनुसार मस्जिदों में केवल उन लोगों को ही नमाज की अनुमति होगी जो लोग रोजाना वहां नमाज अदा करते आए हैं। मस्जिद में मुतल्लवी सदर समेत सिर्फ पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी। जबकि आम जन अपने-अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा करेंगे। रमजान का महीना 13 अप्रैल से शुरू हुआ था, इसलिए चांद दिखने पर 13 या 14 मई को ईद का त्योहार मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार रमजान पाक महीना माना जाता है। माना जाता है कि मक्का से मोहम्मद पैगंबर के प्रवास के बाद मदीना में ईद-उल-फितर का आगाज हुआ था। मान्यता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई जीती थी। इसी खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था, जिसके बाद से इसे मीठी ईदी याने ईद-उल-फितर के रूप में पूरी दुनिया के मुस्लिम धर्मावलंबी मनाते हैं।

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कहा जाता है कि रमजान के पवित्र महीने में सच्चे मन से रोजा रखने पर अल्लाह मेहरबान होते हैं। लोग इस मौके पर अल्लाह पाक का शुक्रिया अदा करते हैं। इस दिन खास तौर पर नमाज अदा की जाती है, फिर दोस्तों रिश्तेदारों को ईद की मुबारकबाद देकर सेवईयां खिलाई जाती हैं, बड़े छोटों को ईदी देते हैं। अब कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी गई है।

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फिलहाल बाजारों को बंद रखा गया है, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि ईद की खरीदारी के लिए थोड़ी छूट दी जा सकेगी। गौरतलब है कि सोमवार को छत्तीसगढ़ में कोरोना के 11 हजार 867 नए मरीज मिले।172 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।ऐसे में बाजारों के खुलने पर संशय है शहरों में लोगों को होम डिलिवरी की सुविधा दी जा रही है।