रोजगार देने में कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ सबसे अव्वल, बीजेपी शासित हरियाणा फिसड्डी: CMIE रिपोर्ट

CMIE रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त महीने में देश में बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी रही। छत्तीगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी दर दर्ज की गई है। यहां बेरोजगारी दर 0.4 प्रतिशत है।

Updated: Sep 01, 2022, 06:42 PM IST

रोजगार देने में कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ सबसे अव्वल, बीजेपी शासित हरियाणा फिसड्डी: CMIE रिपोर्ट

रायपुर। रोजगार सृजन के मामले में कांग्रेस शासित छत्तीगढ की भूपेश बघेल सरकार सरकार ने बेहतरीन कार्य किए हैं। नक्सल प्रभावित होने के बाद भी छत्तीसगढ़ राज्य में बेरोजगारी दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। CMIE के हालिया आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर्ज महज 0.4 फीसदी है। जबकि देश में औसत बेरोजगारी दर 8.3 फीसदी दर्ज की गई है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकानॉमी (CMIE) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ रोजगार में देशभर में सबसे अव्वल है। जबकि बीजेपी शासित हरियाणा की खट्टर सरकार इसमें फिसड्डी है। आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगस्त में बेरोजगारी दर महज 0.4 प्रतिशत रही, जबकि इस अवधि में देश में बेरोजगारी दर 8.3 प्रतिशत की रही। इसके पहले मार्च-अप्रैल के महीने में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 0.6 प्रतिशत थी। इस तरह से बेरोजगारी की दर में लगातार कमी देखने को मिल रही है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका में PM मोदी और अडानी के खिलाफ केस दर्ज, भ्रष्टाचार और जासूसी का आरोप, समन जारी

CMIE के आंकड़े कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। क्योंकि एक तरफ हरियाणा जैसे औद्योगिकी राज्यों में 37.3 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। झारखंड जैसे खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य में 17.3 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। टूरिज्म के केंद्र गोवा में 13.7 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। लेकिन नक्सल समस्या होने के बाद भी भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ को रोजगार के मामले में शीर्ष पर ला दिया।

बता दें कि साल 2018 में 15 साल बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। ऐसी योजनाओं पर जोर दिया गया जिससे रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर सृजित हो। सरकार बनने के साथ ही कर्ज माफी तथा समर्थन मूल्य में वृद्धि जैसे योजनाओं से शुरूआत की गई।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी कार्यक्रम, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन किसान न्याय योजना व अन्य स्कीम लागू की गई। जिसका नतीजा ये हुआ कि रोजगार देने के मामले में छत्तीसगढ़ आज देश के तमाम औधोगिक राज्यों से आगे है।