पुलिस ने बेनकाब किया बड़ा सट्टा सिंडिकेट, 6 आरोपी गिरफ्तार, रायपुर से लेकर गोवा तक फैला था नेटवर्क

रायपुर पुलिस ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान चल रहे अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। राजेंद्र नगर और गोवा से कुल छह आरोपी गिरफ्तार हुए। सट्टे का कंट्रोल रूम गोवा से संचालित था।

Updated: Feb 28, 2026, 03:44 PM IST

रायपुर। राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर क्षेत्र से दो सटोरियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी सट्टा-विरोधी कार्रवाई बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने गोवा में छापेमारी कर चार और आरोपियों को पकड़ा है। इस तरह कुल छह लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पूरे मामले का विस्तृत खुलासा जल्द ही पुलिस द्वारा किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, टी-20 विश्व कप के दौरान मोबाइल एप के जरिए लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का सट्टा चलाया जा रहा था। इस नेटवर्क का संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था। राजेंद्र नगर से पकड़े गए मुख्य आरोपी रैंकी दरडा और प्रतीक वीधवानी हैं। तलाशी के दौरान इनके पास से करीब 7.78 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया। जिसमें नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:MP: होली पर बदलेगा मौसम का मिजाज, 2 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण बारिश की संभावना

पूछताछ में सामने आया कि सट्टे का पूरा नेटवर्क गोवा से संचालित किया जा रहा था। आरोपियों ने वहां एक मकान किराए पर लेकर उसे कंट्रोल रूम में तब्दील कर रखा था। यहीं से सट्टेबाजी के लिए आईडी और पासवर्ड जारी किए जाते थे और सभी लेन देन का हिसाब रखा जाता था। पुलिस ने गोवा स्थित इस ठिकाने पर दबिश देकर चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को शनिवार सुबह रायपुर लाया जाएगा।

जांच में यह भी पता चला है कि नेटवर्क के संचालन के लिए करीब 50 बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा 100 से अधिक मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। पुलिस करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है। विदेशी मुद्रा के लेन देन और हवाला कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें:बोलीविया में क्रैश हुआ करेंसी से भरा सेना का विमान, 15 लोगों की मौत और 30 घायल

पुलिस के अनुसार, सट्टेबाजी के लिए आईडी और पासवर्ड 20-20 हजार रुपये में बेचे जाते थे। हारने वाले खिलाड़ियों से रकम वसूलने के लिए अलग से एक वसूली पैनल बनाया गया था। आरोपियों ने करीब 35 लाख रुपये देकर यह कलेक्शन सिस्टम खरीदा था। वसूली की राशि पर मोटा कमीशन लिया जाता था। नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन पर कर्मचारियों को रखा गया था।

इस नेटवर्क के तार चर्चित महादेव सट्टा एप से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। चर्चा है कि इसका संबंध महादेव एप के प्रमोटर रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर से हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन इस एंगल पर गंभीरता से जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी सौरभ और रवि की गिरफ्तारी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, बैंकिंग रिकॉर्ड, हवाला लिंक और संभावित विदेशी कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें:CG: बिलासपुर में भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई स्कॉरपियो, 4 की मौत और 1 घायल