कमर्शियल इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर 30 सितंबर तक रोक, डेढ़ साल से बंद हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

DGCA ने एक बार फिर यात्री विमानों पर बैन की मियाद बढ़ाई, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका की वजह से बढ़ाई गई पाबंदी, एयर बबल योजना और वंदे भारत मिशन के तहत हो रहा है आवागमन

Updated: Aug 29, 2021, 05:48 PM IST

कमर्शियल इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर 30 सितंबर तक रोक, डेढ़ साल से बंद हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
Photo courtesy: business today

दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बार फिर शेड्यूल इंटरनेशनल कमर्शियल फ्लाइट्स पर लगी पाबंदी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों के संचालन पर 30 सितंबर पाबंदी रहेगी। DGCA ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। अब केवल पहले से स्वीकृति प्राप्त कार्गो और इंटरनेशनल फ्लाइटस जारी रहेगी। इससे पहले खबर थी कि सरकार कमर्शियल फ्लाइट्स पर बैन हटाने का विचार कर रही है। DGCA के सर्कुलर में फ्लाइट पर चुनिंदा रूट पर पहले से ही शेड्यूल की गई इंटरनेशनल फ़्लाइट भी इस दौरान अपनी उड़ान जारी रख सकेंगी।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका की वजह से केंद्र सरकार ने कमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही पर लगी रोक की मियाद बढ़ाई है। देश के कई राज्यों केरल, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। केंद्र के इस फैसले से विदेश यात्रा करने वालों की प्लानिंग्स पर पानी फिर गया है। जो आगामी समय में विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे थे।  दरअसल शेड्यूल कमर्शियल फ्लाइट्स पर 23 मार्च 2020 से बैन लगा हुआ है। भारत से इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन एयर बबल योजना और वंदे भारत मिशन के तहत किया जा रहा है। वहीं कई देशों ने अपनी सीमा में केवल विश्व स्तर के वैक्सिनेटेड लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

भारत कई देशों के लिए वंदे भारत मिशन के तहत उड़ानों का संचालन कर रहा है। भारत की ही तरह विश्व के करीब 20 देशों ने यात्री उड़ानों पर रोक लगा रखी है। वहीं कई देशों ने यात्रियों के लिए सख्त प्रवेश मानदंड बना रखे हैं। स्विट्जरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, मालदीव और कतर जैसे देशों ने प्रतिबंधों को हटाने की शुरुआत की है। बीते 24 घंटों में देश में 45,083 कोरोना के नए मामले उजागर हुए हैं। जिसके बाद कोरोना पीड़ितों का आंकड़ा 3,26,95,030 पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में देश में कुल 460 मरीजों की मौत हुई है।