GST काउंसिल की बैठक से पहले लामबंद हुए सात राज्य, जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि जारी करने की मांग

कल होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले सात गैर-बीजेपी शासित राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक, कोविड-19 संबंधी सामानों पर जीएसटी को लेकर केंद्र को घेरने की तैयारी

Updated: May 27, 2021, 07:23 PM IST

GST काउंसिल की बैठक से पहले लामबंद हुए सात राज्य, जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि जारी करने की मांग
Photo Courtesy: Business Standard

नई दिल्ली। करीब सात महीने बाद कल जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होने वाली है। जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले देश के सात राज्य केंद्र के खिलाफ एक हो गए हैं। राजस्थान की अगुवाई में देश के सात गैर बीजेपी शासित राज्यों के वित्त मंत्रियों ने एक अहम बैठक की है। वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि जारी करने व कोविड-19 संबंधी सामानों पर जीएसटी लगाए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकारों ने केंद्र को घेरने की तैयारियां की है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक से पूर्व हुई इस बैठक में कई विषयों पर वित्तमंत्रियों ने चर्चा की है। राजस्थान के अर्बन डेवलपमेन्ट एंड हाउसिंग मिनिस्टर शांति धारीवाल जो जीएसटी काउंसिल में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वे सभी राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र जारी करे, ताकि कोरोना संकट के इस दौर में राज्यों को हो रहे राजस्व घाटे की भरपाई हो सके। शांति धारीवाल के इस मांग का अन्य 6 राज्यों ने एकस्वर में समर्थन दिया है। 

बैठक के दौरान इस बात पर भी सहमति बनी की कोविड-19 संबंधी सामानों को जीरो जीएसटी के कैटेगरी में रखा जाए। यानी पीपीई किट से लेकर आवश्यक दवाइयां, ऑक्सीजन व अन्य जीवन रक्षक उपकरणों पर एक भी रुपए जीएसटी न लिया जाए। धारीवाल ने बताया कि महामारी के इस दौर में केंद्र सरकार वैक्सीन पर भी पांच फीसदी जीएसटी लगा रही है। इस दौरान अतिरिक्त उधार की सीमा को बढ़ाकर 5 फीसदी करने को लेकर भी सहमति बनी। 

जीएसटी काउंसिल से पहले हुई इस बैठक के दौरान राज्यों ने कहा कि केंद्र सरकार को कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की भावना का सम्मान करना चाहिए जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि जारी करते हुए इस व्यवस्था को 2022 से आगे भी पांच सालों के लिए बढ़ाया जाना चाहिए। धारीवाल ने सभी वित्तमंत्रियों से अपील किया कि वे इन सभी मुद्दों पर एकजुट हों और जीएसटी काउंसिल की बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष इन्हें पुरजोर तरीके से उठाएं। 

इस मीटिंग में धारीवाल के अलावा पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा, पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल, झारखंड के वित्तमंत्री रामेश्वर ओरांव, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री टीएस सिंहदेव, केरल के वित्त मंत्री केएन बालागोपाल और तमिलनाडु के वित्तमंत्री पी.टी.आर पलानिवेल त्यागराजन शामिल थे। बता दें कि राजस्थान में वित्त मंत्रालय का पोर्टफोलियो सीएम गहलोत के पास ही है ऐसे में धारीवाल ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्य की ओर से शामिल होते हैं।