Kamal Patel: मुआवज़े के लिए फसल बीमा ट्रस्ट का गठन अगले साल

Mukhyamantri Fasal Beema Trust: कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा किसानों को मुआवजा देने के लिए जनता से पैसे जुटाएगी सरकार, फसल बीमा ट्रस्ट में जनता को योगदान देना होगा

Updated: Aug-31, 2020, 05:05 AM IST

Kamal Patel: मुआवज़े के लिए फसल बीमा ट्रस्ट का गठन अगले साल

भोपाल। प्रदेश के शत-प्रतिशत किसानों को बीमा कवर दिलाने के लिए रविवार को भी सभी सरकारी, सहकारी और निजी बैंक खुले। प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक आपदा में शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति मिल सके इसके लिए अगले वर्ष तक मुख्यमंत्री फसल बीमा ट्रस्ट का गठन कर लिया जाएगा। यह बात कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने मीडिया से चर्चा में कही। मंत्री पटेल ने कहा कि किसानों को शत-प्रतिशत क्षतिपूर्ति देने के लिए मुख्यमंत्री फसल बीमा ट्रस्ट बनाने की योजना है।

कमल पटेल ने कहा कि भाजपा के सरकार में नहीं रहने के कारण इसमें विलंब हुआ। लेकिन अगले साल तक ट्रस्ट का गठन कर लिया जाएगा। ट्रस्ट के माध्यम से आम जनता से भी फंड एकत्रित कर किसानों की जरूरत को पूरा किया जाएगा। अतिवर्षा से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ के हालात हैं। हरदा जिले के भी कई गांव डूब में हैं, बाढ़ से प्रदेश में सोयाबीन और अन्य खरीफ फसल चौपट हो गई है, किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए उन्हें फसल बीमा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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मंत्री कमल पटेल ने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अवधि 17 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। सभी किसानों को बीमा कवर मिल सके इसके लिए रविवार को भी सभी बैंक खुले और बीमा कराया गया। पटेल ने उम्मीद जताई कि सोमवार 31 अगस्त तक प्रदेश के सभी किसान बीमा योजना से जुड़ जाएंगे। कमल पटेल ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कर्जमाफी का धोखा दिया जिससे बड़ी संख्या में किसान डिफॉल्टर हो गये, हम डिफॉल्टर किसानों को भी बीमा योजना से जोड़ रहे हैं जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सके।

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मंत्री पटेल ने बताया कि 6 सितंबर को प्रदेश के बीस लाख से अधिक किसानों के खाते में 4614 करोड़ रुपये बीमा लाभ के हस्तांतरित किए जा रहे हैं। यह वर्ष 2019 की बीमा क्षतिपूर्ति है। जो कमलनाथ सरकार के प्रीमियम का भुगतान नहीं करने से अब तक किसानों तक नहीं पहुंच पाई थी। इस वर्ष के बीमा का लाभ दिलाने के लिए कलेक्टरों को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं, अक्टूबर में फसल की आनावरी रिपोर्ट मिलने पर उसके आधार पर क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा।