MP: कान पकड़ता हूं दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करूंगा, भाव कम मिलने से दुखी किसान ने लगाई उठक बैठक

सागर के किसान ने इस बार गेहूं - चना छोड़ लहसुन - प्याज कि खेती की थी, पैदावार भी अच्छा हुआ, लेकिन मंडी में व्यापारी भाव अच्छा नहीं दे रहे हैं, रखने का इंतजाम न होने के कारण किसान ने उपज को औने-पौने भाव में बेच दिया

Updated: Apr 23, 2022, 02:55 PM IST

MP: कान पकड़ता हूं दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करूंगा, भाव कम मिलने से दुखी किसान ने लगाई उठक बैठक

सागर। अच्छी उपज होने के बावजूद मध्य प्रदेश के किसानों की परेशानियां खत्म नहीं हो रही है। यहां की मंडियों में लहसुन और प्याज का रेट लागत मूल्य से भी कम मिल रहा है। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुंदेलखंड के सागर जिले की रहली तहसील के एक किसान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कसम खा रहा है कि अब दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करेगा।

जानकारी के मुताबिक रहली तहसील अंतर्गत संदई गांव के निवासी राधेश्याम गेहूं और चने की खेती करते थे। लेकिन उन्होंने मुनाफा कमाने के लिए इस बार लहसुन और प्याज की खेती करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने तीन एकड़ खेत में लहसुन और प्याज की बुआई की। पैदावार भी काफी अच्छी हुई लेकिन जब उपज को बेचने के लिए वे मंडी पहुंचे तब उन्हें धक्का लगा। यहां मुनाफा तो दूर किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा था।

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वह कुछ दिन रुके लेकिन स्टोर करने का व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें उपज बेचना पड़ा। राधेश्याम बताते है कि प्याज 5-6 रुपए किलोग्राम बिकी और लहसुन 15 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बाजार में बिका। उन्होंने साहूकार से उधार लेकर लहसुन-प्याज लगाया था जो अब ब्याज समेत रुपए वापस मांग रहा है।

भाव नहीं मिलने से परेशान राधेश्याम ने गांव वालों के सामने कान पकड़कर उठक बैठक लगाते हुए कसम खाई कि अब कभी भी दोबारा लहसुन-प्याज की खेती नहीं करेगा। जानकार बताते हैं कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि व्यापारी रेट बढ़ने ही नहीं दे रहे हैं। सभी जिलों के व्यापारियों का आपस में गठजोड़ है और वे किसानों की मजबूरी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं।